प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में महिला शक्ति को बताया विकसित भारत का आधार

प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में महिला शक्ति को बताया विकसित भारत का आधार

नई दिल्ली, 13 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए देश की महिलाओं को राष्ट्र की विकास यात्रा का सारथी बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 21वीं सदी का सबसे बड़ा फैसला लेने जा रहा है, जो दशकों से लंबित महिला आरक्षण के इंतजार को खत्म करेगा। उन्होंने घोषणा की कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समय पर और प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में 16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र की बैठकें शुरू होने जा रही हैं। पीएम ने जोर देकर कहा कि यह कदम न केवल संसद में महिलाओं की संख्या बढ़ाएगा, बल्कि सामाजिक न्याय को हमारे फैसले लेने की प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा बना देगा।

सम्मेलन में शिक्षा, विज्ञान, खेल और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं ने शिरकत की। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को केवल आरक्षण नहीं देता, बल्कि उस पुरानी सोच को बदलता है जिसने उन्हें सत्ता के गलियारों से बाहर रखा था। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को अब ‘बेटी बढ़ाओ’ के अगले चरण में ले जाने पर खुशी व्यक्त की। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि पंचायती राज से लेकर राष्ट्रीय संसद तक महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका भारत के लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील और सशक्त बनाएगी।

संसद का आगामी विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन की बारीकियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सम्मेलन भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘विकसित भारत’ का विजन महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के बिना अधूरा है। इस ऐतिहासिक पहल के माध्यम से विधाई निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, जो देश के राजनीतिक और सामाजिक वातावरण में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगा।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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