परमाणु वार्ता विफल होने के बाद पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति के बीच फोन पर चर्चा
परमाणु वार्ता विफल होने के बाद पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति के बीच फोन पर चर्चा

तेहरान, 13 अप्रैल। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई मैराथन शांति वार्ता के बिना किसी समझौते के समाप्त होने के तुरंत बाद, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर विस्तृत चर्चा की। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्र के ताजा घटनाक्रमों और युद्ध विराम की संभावनाओं की समीक्षा की। क्रेमलिन ने भी इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि पुतिन ने मध्य पूर्व में स्थाई शांति स्थापित करने के लिए एक राजनीतिक और राजनयिक समाधान की तलाश में मध्यस्थता करने की अपनी पूरी तैयारी व्यक्त की है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के साथ 21 घंटे चली लंबी चर्चा विफल साबित हुई है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार सुबह बिना किसी समझौते के इस्लामाबाद से अमेरिका के लिए रवाना हो गए। रवाना होने से पहले वेंस ने स्पष्ट किया कि हालांकि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन परमाणु हथियारों के मुद्दे पर अमेरिका अपनी ‘रेड लाइन्स’ से पीछे नहीं हटा। उन्होंने इसे तेहरान के लिए एक बड़ा झटका बताते हुए कहा कि वाशिंगटन ने ईरान से परमाणु हथियार न बनाने का पक्का वादा मांगा था, जिसे मानने के लिए ईरानी नेतृत्व तैयार नहीं था। वेंस ने कहा कि अमेरिका ने अपना आखिरी और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव दे दिया है और अब फैसला पूरी तरह से ईरानी नेतृत्व के हाथों में है।
दूसरी ओर, तेहरान के दृष्टिकोण से यह बातचीत अमेरिका की “अत्यधिक मांगों” के कारण विफल हुई। ईरानी मीडिया के अनुसार, विवाद के मुख्य बिंदु ईरान के परमाणु अधिकार और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण के इर्द-गिर्द केंद्रित रहे। ईरान ने किसी भी ऐसे ढांचे को मानने से इनकार कर दिया जो उसके संप्रभु अधिकारों का हनन करता हो। इस कूटनीतिक गतिरोध ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति को और अधिक अनिश्चित बना दिया है, जिससे अब रूस जैसी शक्तियों की भूमिका वैश्विक राजनीति में और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट