तलाक के बाद महिला सिर्फ इस संपत्ति पर ही जता सकती है हक, ये है नियम…
तलाक के बाद महिला सिर्फ इस संपत्ति पर ही जता सकती है हक, ये है नियम…

इन दिनों कई जानी-मानी हस्तियों के तलाक की खबरें सुर्खियां बंटर रही हैं. आए दिन किसी न किसी सेलिब्रिटी के तलाक होने की सूचना मिल जाती है. ताजा मामला क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री के तलाक का है. उनके इस तलाक ने न सिर्फ सुर्खियां बटोरी बल्कि एलिमनी ने भी लोगों को ये जानने के लिए उत्सुक किया कि आखिर धनश्री को तलाक के बाद कितना पैसा मिला है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तलाक के बाद महिला का किस संपत्ति पर हक होता है. क्या महिला अपने पति की सभी तरह की संपत्ति पर अधिकार जता सकती है. शायद नहीं, तो हम आपको बताते हैं आखिर क्या कहता है कानून और नियम.
तलाक के बाद महिला किस संपत्ति पर जता सकती है अधिकार
कोई महिला जिसका तलाक हुआ हो वह अपने पति की हर संपत्ति पर हक नहीं जता सकती है. दरअसल तलाक होने के बाद महिला सिर्फ उसी संपत्ति पर अधिकार जता सकती है जो दंपत्ती ने शादी के बाद मिलकर कमाई हो. इस तरह की संपत्ति को वैवाहिक संपत्ति कहा जाता है और इसी संपत्ति पर महिला अपना अधिकार जता सकती है.
किस संपत्ति पर महिला का नहीं होता अधिकार
तलाक के बाद महिला पति की पैतृक संपत्ति पर अधिकार नहीं जता सकती है. उसका हक सिर्फ उसी संपत्ति पर होता है जो उसने और उसके पति ने शादी के दौरान ही अर्जित की हो. लेकिन महिला पति की शादी से पूर्व किसी भी तरह की संपत्ति पर अपना अधिकार नहीं जता सकती है. यानी अगर पति ने शादी से पहले अपने बूते पर कोई संपत्ति खरीदी हो तो उस पर भी पत्नी तलाक के बाद अपना हक नहीं जमा सकती है. लेकिन दोनों के नाम पर अगर कोई संपत्ति खरीदी गई है तो तलाक के बाद भी महिला का अधिकार उस संपत्ति पर रहता है.
ऐसी संपत्ति पर भी महिला जता सकती है अधिकार
इसके अलावा महिला तलाक के बाद उस संपत्ति पर भी अपना अधिकार जमा सकती है जो पति ने शादी के दौरान उसके नाम की हो या फिर उसके नाम से खरीदी हो. महिला चाहे तो इसमें अपना हिस्सा मांग सकती है या फिर उस पूरी संपत्ति पर अधिकार रख सकती है जो उसके नाम पर है. इसके साथ ही शादी के दौरान जो संपत्ति या नकद या फिर अन्य चीजें महिला के अभिभावकों ने उसे दी है उस पर भी महिला का पूरा हक होता है. इनमें गहनों से लेकर उपहार तक हर चीज शामिल होती है. इन चीजों पर महिला तलाक के बाद अपना अधिकार जता सकती है.
गुजारा भत्ता भी ले सकती है महिला
तलाक के बाद महिला को पति की ओर से गुजारा भत्ता भी दिया जाता है. इसे एलिमनी कहा जाता है. इस रकम को कोर्ट की ओर से तय किया जाता है. इसके लिए निर्धारित नियम नहीं है. पुरुष की इनकम या फिर महिला की इनकम को ध्यान में रखकर इसे तय किया जाता है.