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	<title>विदेश &#8211; Deedar-E-Hind | Hindi News Portal</title>
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	<description>Hindi News Portal &#38; Urdu NewsPaper</description>
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		<title>अमेरिका ने एआई, चिप्स, बायोटेक के क्षेत्र में चीन के साथ तकनीकी मुकाबला किया तेज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Mar 2026 08:38:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका ने एआई, चिप्स, बायोटेक के क्षेत्र में चीन के साथ तकनीकी मुकाबला किया तेज वॉशिंगटन, 25 मार्च । जैसे-जैसे ट्रंप सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में चीन के साथ अपनी रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज कर रहा है, शीर्ष सीनेटरों ने चेताया है कि यह मुकाबला केवल तकनीकी नहीं, बल्कि एक “नैतिक संघर्ष” &#8230;]]></description>
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<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">अमेरिका ने एआई, चिप्स, बायोटेक के क्षेत्र में चीन के साथ तकनीकी मुकाबला किया तेज</mark></strong></p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-red-color">वॉशिंगटन, 25 मार्च ।</mark></strong> जैसे-जैसे ट्रंप सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में चीन के साथ अपनी रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज कर रहा है, शीर्ष सीनेटरों ने चेताया है कि यह मुकाबला केवल तकनीकी नहीं, बल्कि एक “नैतिक संघर्ष” से भी जुड़ा है, जो वैश्विक शक्ति संतुलन और आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित करेगा।</p>



<p>वॉशिंगटन में हिल एंड वैली फोरम में, सीनियर सीनेटरों ने जरूरी तकनीक में चीन की बढ़त का मुकाबला करने के लिए एक मल्टी-फ्रंट रणनीति बताई, जिसमें एक्सपोर्ट कंट्रोल, घरेलू निवेश और सहयोगी देशों के साथ करीबी तालमेल शामिल है।</p>



<p>सीनेटर जिम बैंक्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ को साफ जियोपॉलिटिकल शब्दों में बताया और कहा कि दूसरा शीत युद्ध एआई की दौड़ से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “हम चीन को इसे जीतने नहीं दे सकते। यही असल बात है।”</p>



<p>उन्होंने ट्रंप सरकार के एआई एक्शन प्लान की ओर इशारा किया, जिसमें चीन और दूसरे दुश्मनों को एडवांस्ड सेमीकंडक्टर चिप्स पर कड़े एक्सपोर्ट कंट्रोल की बात कही गई है। बैंक्स ने कहा कि उनका प्रस्तावित गेन एआई एक्ट उन पाबंदियों को और कड़ा करने के लिए जरूरी है। गेन एआई एक्ट राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण एक्ट के हिस्से के तौर पर सीनेट में पहले ही पास हो चुका है।</p>



<p>उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अपने सबसे बड़े दुश्मन की मदद नहीं कर रहे हैं। कैपिटल हिल पर यही बड़ी तस्वीर है।”</p>



<p>बैंक्स ने कहा कि दांव इनोवेशन या मार्केट लीडरशिप से कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक तकनीकी रेस नहीं है, यह एक नैतिक लड़ाई है। और हम जानते हैं कि पीआरसी झूठ बोलेगा, चोरी करेगा और धोखा देगा।”</p>



<p>उन्होंने जोर देकर कहा कि एक्सपोर्ट कंट्रोल से दुश्मनों को लेटेस्ट अमेरिकी चिप्स तक पहुंचने से रोका जाना चाहिए, जबकि घरेलू डिमांड को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।</p>



<p>बैंक्स ने कहा, “जब अमेरिका में घरेलू कस्टमर बेस हो, तो उन्हें हमारे सबसे बड़े दुश्मन के बजाय अमेरिकी-मेड चिप्स के लिए प्राथमिकता मिलनी चाहिए।”</p>



<p>हाउस सिलेक्ट कमेटी ऑन चाइना के चेयरमैन, प्रतिनिधि जॉन मूलेनार ने कड़े रवैये की जरूरत पर जोर दिया, साथ ही उन्होंने पारंपरिक अमेरिकी आर्थिक सिद्धांतों के साथ तनाव को भी माना।</p>



<p>मूलेनार ने कहा, “मुझे अब भी लगता है कि सबसे अच्छा तब होता है जब आपके पास नवाचार की आजादी हो, आजाद देशों के साथ ज्यादा मुक्त व्यापार हो।” लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि चीन के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए बदलाव की जरूरत है।</p>



<p>उन्होंने कहा, “इसके लिए लगभग रक्षा जैसी सोच अपनानी होगी, जहां हम यह कहें कि इस प्रतिस्पर्धा को जीतने के लिए हर संभव साधन का इस्तेमाल किया जाए।”</p>



<p>मूलेनार ने एक बड़ी कमजोरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि अहम सप्लाई चेन में अमेरिका की चीन पर निर्भरता चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, “हम वास्तव में अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पर ही निर्भर हैं और हमें उन्हें इस क्षेत्र में हम पर बढ़त बनाने से रोकना होगा।”</p>



<p>उन्होंने चेतावनी दी कि दुश्मन अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए अमेरिकी तकनीक का फायदा उठा सकते हैं और मजबूत कंट्रोल, सप्लाई चेन में मजबूती और वर्कफोर्स विकास की जरूरत पर जोर दिया।</p>



<p>यह कॉम्पिटिशन बायोटेक्नोलॉजी में भी बढ़ रहा है; यह एक और क्षेत्र है जिसे अब राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से देखा जा रहा है। नेशनल सिक्योरिटी कमीशन ऑन इमर्जिंग बायोटेक्नोलॉजी के चेयरमैन, सीनेटर टॉड यंग ने इस क्षेत्र में अमेरिकी लीडरशिप की अहमियत पर जोर देते हुए कांग्रेस को सौंपे गए एक बड़े एक्शन प्लान की ओर इशारा किया।</p>



<p>यंग ने एआरपीए-एच डायरेक्टर एलिसिया जैक्सन और क्यूरीडॉटबायो के को-फाउंडर जैक वेनबर्ग के साथ बात करते हुए, उभरती टेक्नोलॉजी में बढ़त बनाए रखने के लिए पब्लिक-प्राइवेट कोलेबोरेशन की भूमिका पर जोर दिया।</p>



<p>फोरम में हुई चर्चाओं से वॉशिंगटन में एक बड़ा बदलाव दिखा, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी को अब चीन के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में आपस में जुड़े हुए बैटलग्राउंड के तौर पर देखा जा रहा है।</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हो मुख्य वार्ताकार : ईरान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Mar 2026 08:37:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हो मुख्य वार्ताकार : ईरान तेहरान, 25 मार्च ईरान ने कथित तौर पर अमेरिका से कहा है कि वह विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जैरेड कुशनर के बजाय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करना पसंद करता है। सीएनएन प्रसारक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हो मुख्य वार्ताकार : ईरान</mark></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="300" height="168" src="https://deedarehind.com/wp-content/uploads/2026/03/download-2026-03-25T140559.433.jpg" alt="" class="wp-image-127271" /></figure>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-red-color">तेहरान, 25 मार्च  </mark></strong>ईरान ने कथित तौर पर अमेरिका से कहा है कि वह विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जैरेड कुशनर के बजाय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करना पसंद करता है।</p>



<p>सीएनएन प्रसारक की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी है। सीएनएन के अनुसार ईरान ने अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान शुरू होने से पहले हुई पिछली बातचीतों की विफलता को लेकर श्री विटकॉफ और श्री कुशनर पर अविश्वास जताया। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक उपराष्ट्रपति वेंस को ईरान एक ऐसे राजनेता के रूप में देखता है जो युद्धविराम के हित में रुचि रखते हैं।</p>



<p>गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बहुत सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पेंटागन को निर्देश दिया है कि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को पाँच दिनों के लिए टाल दिया जाए।</p>



<p>ईरान के विदेश मंत्रालय ने हालांकि बातचीत होने से इनकार किया और कहा कि उसे केवल ऐसे संदेश प्राप्त हुए हैं, जिनमें वॉशिंगटन की बातचीत में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की गई थी।</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेपाल के नवनियुक्त सांसद संस्कृत, मैथिली, भोजपुरी, अवधी में भी लेंगे शपथ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:48:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[नेपाल के नवनियुक्त सांसद संस्कृत, मैथिली, भोजपुरी, अवधी में भी लेंगे शपथ नेपाली संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में निर्वाचित 24 सांसद अपनी मातृभाषा में शपथ लेने वाले हैं। इनमें कुछ सांसदों ने संस्कृत भाषा से लेकर मैथिली, भोजपुरी, अवधी, मगही, थारू भाषा में भी शपथ लेने की जानकारी संसदीय सचिवालय को दी है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">नेपाल के नवनियुक्त सांसद संस्कृत, मैथिली, भोजपुरी, अवधी में भी लेंगे शपथ</mark></strong></p>



<p>नेपाली संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में निर्वाचित 24 सांसद अपनी मातृभाषा में शपथ लेने वाले हैं। इनमें कुछ सांसदों ने संस्कृत भाषा से लेकर मैथिली, भोजपुरी, अवधी, मगही, थारू भाषा में भी शपथ लेने की जानकारी संसदीय सचिवालय को दी है।</p>



<p>नेपाल के संसदीय सचिवालय के अनुसार नवनियुक्त सांसद 26 मार्च को दोपहर 2 बजे निर्धारित शपथ समारोह में वे अपनी-अपनी भाषा में शपथ लेंगे।</p>



<p>संघीय संसद सचिवालय ने मातृभाषा में शपथ लेने के इच्छुक सांसदों को 3 दिन पहले ही सूचना देने के लिए कहा था। संसद सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरी के अनुसार, अपनी अपनी मातृभाषा में शपथ लेने वाले सांसदों की संख्या 24 पहुंच गई है। उन्होंने कुल 11 अलग-अलग मातृभाषाएं चुनी हैं।</p>



<p>आगामी 25 मार्च को प्रोटेम स्पीकर की शपथ राष्ट्रपति भवन में होने के बाद, 26 मार्च को संसद भवन में बाकी सदस्यों का शपथ ग्रहण होगा, जहां ये 24 सांसद अपनी मातृभाषा में शपथ लेंगे।</p>



<p>मातृभाषा में शपथ लेने वाले सांसद:</p>



<ol class="wp-block-list">
<li>संस्कृत भाषा</li>
</ol>



<p>खुश्बु ओली</p>



<ol start="2" class="wp-block-list">
<li>मैथिली भाषा उज्जवल कुमार झा दीपक कुमार साह (महोत्तरी) दीपक कुमार साह (सुनसरी) प्रमोद कुमार महतो मातृका यादव सीताराम साह</li>



<li>भोजपुरी भाषा कन्हैया बनिया</li>



<li>मगही भाषा जोग कुमार यादव</li>



<li>अवधी भाषा मोहम्मद इश्तियाक राई</li>



<li>थारू भाषा गीता चौधरी प्रमिला कुमारी गच्छदार</li>



<li>राना थारू भाषा कृपा राम राना</li>



<li>तमांग भाषा</li>
</ol>



<p>परशुराम तमांग</p>



<ol start="9" class="wp-block-list">
<li>नेवारी भाषा</li>
</ol>



<p>अनुष्का श्रेष्ठ</p>



<p>कृष्ण भक्त शाक्य</p>



<p>गंगा लक्ष्मी अवाल</p>



<p>मदन कृष्ण श्रेष्ठ</p>



<p>रुकेश रञ्जित</p>



<p>विराज भक्त श्रेष्ठ</p>



<ol start="10" class="wp-block-list">
<li>डोटेली भाषा</li>
</ol>



<p>आकृति अवस्थी</p>



<p>दीपक राज बोहरा</p>



<p>हरिना देवी कामी</p>



<ol start="11" class="wp-block-list">
<li>वान्तावा भाषा</li>
</ol>



<p>ध्रुवराज राय</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेपाल में जेन जी प्रदर्शन के दौरान जलाए गए सरकारी भवनों का नहीं हो पाया पुनर्निर्माण</title>
		<link>http://deedarehind.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:47:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[नेपाल में जेन जी प्रदर्शन के दौरान जलाए गए सरकारी भवनों का नहीं हो पाया पुनर्निर्माण नेपाल में पिछले साल ८ और 9 सितंबर को हुए जेन जी आंदोलन के दौरान आगजनी से क्षतिग्रस्त सरकारी भवनों का पुनर्निर्माण अभी भी शुरू नहीं हो पाया है। सभी बड़े तथा महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की अवस्था जर्जर है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-luminous-vivid-orange-color">नेपाल में जेन जी प्रदर्शन के दौरान जलाए गए सरकारी भवनों का नहीं हो पाया पुनर्निर्माण</mark></strong></p>



<p> नेपाल में पिछले साल ८ और 9 सितंबर को हुए जेन जी आंदोलन के दौरान आगजनी से क्षतिग्रस्त सरकारी भवनों का पुनर्निर्माण अभी भी शुरू नहीं हो पाया है। सभी बड़े तथा महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की अवस्था जर्जर है और वो उपयोग के भी लायक नहीं है।</p>



<p>देश के प्रमुख प्रशासनिक भवन सिंहदरबार में प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर लगभग सभी मंत्रालय का भवन हैं। यहां सभी जले हुए ढांचे अब भी मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं। इसी तरह प्रधान मंत्री आवास, राष्ट्रपति भवन शीतल निवास, सर्वोच्च अदालत जैसी प्रमुख संरचनाएं भी हैं। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र को अब संसद भवन के रूप में उपयोग किया जा रहा है, लेकिन वह अभी भी आग के काले धब्बों के साथ खड़ा है। इसकी मामूली मरम्मत और रंगाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब छवि बनने से बचा जा सकता था, लेकिन सरकार ने इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।</p>



<p>संसद भवन परियोजना में निर्माणाधीन नया संसद भवन सांसदों के शपथ ग्रहण से पहले पूरा नहीं हो सका। इसलिए 26 मार्च को सांसदों को अस्थायी हॉल में शपथ दिलाई जा रही है। संघीय संसद सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरी के अनुसार नए भवन में संसद हॉल का निर्माण पूरा नहीं हुआ है, इसलिए बहुउद्देश्यीय हॉल में शपथ दिलाई जाएगी। इस भवन की नींव 19 सितंबर, 2019 को रखी गई थी। छह साल बाद भी लगभग 90–92 फीसदी ही पूरा हो पाया है। इसमें केंद्रीय लॉबी, राष्ट्रीय सभा कक्ष, प्रतिनिधि सभा कक्ष, वीवीआईपी कक्ष और प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के कार्यालय शामिल हैं।</p>



<p>सुप्रीम कोर्ट और काठमांडू जिला अदालत सहित कई सरकारी भवन अभी भी आग से हुए नुकसान के निशान झेल रहे हैं। आंदोलन के छह महीने बाद भी इनका पुनर्निर्माण न होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नकारात्मक संदेश दे रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 629 भवन पूरी तरह नष्ट हुए, 560 से अधिक आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। इनमें 310 सरकारी कार्यालय पूरी तरह ध्वस्त हुए। भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय ने अब तक पुनर्निर्माण पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। मंत्रालय के सूचना अधिकारी ज्ञानराज लम्साल ने पुष्टि की कि सरकार से इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिला है।</p>



<p>शहरी विकास विभाग के अनुसार 166 हल्के क्षतिग्रस्त भवनों में से 54 उपयोग में आ चुके हैं, 34 की मरम्मत जारी है, 100 आंशिक क्षतिग्रस्त भवनों में से 56 के ठेके जारी हुए, जबकि 28 गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त भवनों को पूरी तरह पुनर्निर्माण की जरूरत है। पुलिस के 177 भवन पूरी तरह अनुपयोगी हो गए थे, जबकि 258 मरम्मत योग्य थे। अधिकांश को पुनर्निर्माण के बाद फिर से चालू किया जा चुका है। इसी तरह राजनीतिक दलों के 45 कार्यालय पूरी तरह नष्ट हुए जबकि 174</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरानी हमले के बाद एफ-35 के पायलट को छर्रे लगे: रिपोर्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:47:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ईरानी हमले के बाद एफ-35 के पायलट को छर्रे लगे: रिपोर्ट ईरान हवाई क्षेत्र के ऊपर एफ-35 विमान उड़ा रहे अमेरिकी पायलट को ईरानी मिसाइल हमले में छर्रे लगे हैं। एयर एंड स्पेस फोर्सेज मैगजीन ने सूत्रों के हवाले से सोमवार को रिपोर्ट दी है कि विमान 19 मार्च को संभवतः सतह से हवा में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">ईरानी हमले के बाद एफ-35 के पायलट को छर्रे लगे: रिपोर्ट</mark></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="293" height="172" src="https://deedarehind.com/wp-content/uploads/2026/03/download-2025-03-24T062047.525.jpg" alt="" class="wp-image-127219" /></figure>



<p> ईरान हवाई क्षेत्र के ऊपर एफ-35 विमान उड़ा रहे अमेरिकी पायलट को ईरानी मिसाइल हमले में छर्रे लगे हैं।</p>



<p>एयर एंड स्पेस फोर्सेज मैगजीन ने सूत्रों के हवाले से सोमवार को रिपोर्ट दी है कि विमान 19 मार्च को संभवतः सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल की चपेट में आ गया था।</p>



<p>इसके पायलट ने आपातकालीन लैंडिंग की। उसकी स्थिति अब स्थिर है। मैगजीन ने बताया कि ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) के अनुसार, उन्होंने एफ-35 को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है। पूरे सैन्य अभियान के दौरान क्षतिग्रस्त या नष्ट होने वाले अमेरिकी वायु सेना के लगभग बीस विमानों में अब यह भी शामिल हो गया है।</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वियतनाम में एक भोजनालय में आग लगने से दो लोगों की मौत</title>
		<link>http://deedarehind.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:45:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[वियतनाम में एक भोजनालय में आग लगने से दो लोगों की मौत दक्षिणी वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में सोमवार रात एक शाकाहारी भोजनालय में आग लगने से एक महिला और उसके बच्चे की मौत हो गई। वियतनाम न्यूज़ एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब आग लगी तो पीड़ित &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">वियतनाम में एक भोजनालय में आग लगने से दो लोगों की मौत</mark></strong></p>



<p>दक्षिणी वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में सोमवार रात एक शाकाहारी भोजनालय में आग लगने से एक महिला और उसके बच्चे की मौत हो गई।</p>



<p>वियतनाम न्यूज़ एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब आग लगी तो पीड़ित सो रहे थे।</p>



<p>स्थानीय दैनिक वीएन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एक पड़ोसी ने बताया कि घटना के समय भोजनालय बंद था और द्वार के सामने कई टेबल, कुर्सियाँ और कांच की अलमारियाँ रखी थीं, जिससे बाहर निकलने में दिक्कत हो रही थी।</p>



<p>अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोलंबिया में सैन्य विमान दुर्घटना में 66 सैनिकों की मौत</title>
		<link>http://deedarehind.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:45:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[कोलंबिया में सैन्य विमान दुर्घटना में 66 सैनिकों की मौत कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत पुटुमायो में सोमवार को हुए एक सैन्य विमान दुर्घटना में 66 सैनिकों की मौत हो गयी। कोलंबिया की सेना ने कहा नए आंकड़ों के मुताबिक विमान में 128 लोग सवार थे, जिनमें से 57 घायल हो गए, चार लापता हैं और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">कोलंबिया में सैन्य विमान दुर्घटना में 66 सैनिकों की मौत</mark></strong></p>



<p> कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत पुटुमायो में सोमवार को हुए एक सैन्य विमान दुर्घटना में 66 सैनिकों की मौत हो गयी।</p>



<p>कोलंबिया की सेना ने कहा नए आंकड़ों के मुताबिक विमान में 128 लोग सवार थे, जिनमें से 57 घायल हो गए, चार लापता हैं और एक व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ।</p>



<p>सेना ने शुरू में कहा था कि दुर्घटनाग्रस्त हुए परिवहन विमान सी-130 हरक्यूलिस में 114 यात्री और 11 चालक दल के सदस्य सवार थे। इस विमान का इस्तेमाल सैनिकों को लाने-ले जाने के लिए किया जाता था।</p>



<p>कोलंबियन वायुसेना के कमांडर कार्लोस सिल्वा ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पाकिस्तान रूकवाएगा ईरान-अमेरिका युद्ध! ट्रंप ने आसिम मुनीर को मिलाया फोन, इस्लामाबाद में होगी शांति वार्ता</title>
		<link>http://deedarehind.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:44:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकिस्तान रूकवाएगा ईरान-अमेरिका युद्ध! ट्रंप ने आसिम मुनीर को मिलाया फोन, इस्लामाबाद में होगी शांति वार्ता इस्लामाबाद,पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद में संभावित बैठक और बैक-चैनल प्रयासों में तुर्की और मिस्र भी शामिल हैं। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-luminous-vivid-orange-color">पाकिस्तान रूकवाएगा ईरान-अमेरिका युद्ध! ट्रंप ने आसिम मुनीर को मिलाया फोन, इस्लामाबाद में होगी शांति वार्ता</mark></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="300" height="168" src="https://deedarehind.com/wp-content/uploads/2026/03/download-2026-03-25T021328.036.jpg" alt="" class="wp-image-127212" /></figure>



<p>इस्लामाबाद,पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद में संभावित बैठक और बैक-चैनल प्रयासों में तुर्की और मिस्र भी शामिल हैं।</p>



<p>पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सैन्य टकराव को रोकने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि विवाद को सुलझाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही इस्लामाबाद में बैठक हो सकती है।</p>



<p>फाइनेंशियल टाइम्स के हवाले से यह बताया गया कि पाकिस्तान ने आगामी बातचीत के लिए इस्लामाबाद को स्थान के रूप में सुझाया है। इसमें ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और ईरान के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। अगर ऐसा होता है तो यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।</p>



<p>अमेरिका-ईरान से संपर्क में पाकिस्तानी अधिकारी<br>मामले से परिचित सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी गुप्त रूप से तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संवाद स्थापित कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान से कई बार बातचीत की है।</p>



<p>ट्रंप ने मुनीर से की बातचीत<br>इसके अलावा, पाकिस्तानी आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बात की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट को नष्ट करने की धमकी को पांच दिनों के लिए टाल दिया। ट्रंप ने कहा कि यह निर्णय उन्होंने तेहरान के साथ “अच्छी और सार्थक बातचीत” के बाद लिया।</p>



<p>अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल संभवतः एक या दो दिन में पाकिस्तान पहुंच सकता है। इसमें ट्रंप के मध्य पूर्व विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर शामिल हो सकते हैं। हालांकि, पाकिस्तान के सूत्रों ने कहा कि ईरान अभी बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है।</p>



<p>तुर्की-मिस्र कर रहे पाकिस्तान की मदद<br>पाकिस्तान ने ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए बैक-चैनल प्रयास शुरू किए हैं। इस प्रक्रिया में तुर्की और मिस्र भी पाकिस्तान के साथ सहयोग कर रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने तुर्की के अपने समकक्ष हाकान फिदान से बातचीत की, जबकि मिस्र के विदेश मंत्री बदल अब्देलअती ने रविवार को ईरान और पाकिस्तान में अपने समकक्षों और कतर के विदेश मंत्री के साथ बातचीत की।</p>



<p>ईरान ने बातचीत से किया इनकार<br>ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका के साथ सीधे संवाद से इंकार किया है, लेकिन स्वीकार किया कि कई क्षेत्रीय देश मध्यस्थता के प्रयासों में शामिल हैं। वहीं, फ्लोरिडा में राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने एक “बेहद सम्मानित ईरानी अधिकारी” के साथ बातचीत की थी।</p>



<p>इस प्रयास से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान न केवल अपने क्षेत्रीय महत्व को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कूटनीतिक रूप से कम करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ट्रंप का दोगलापन…पहले ईरान से बातचीत का किया दावा, फिर दो एनर्जी साइटों पर कर दिया हमला</title>
		<link>http://deedarehind.com/%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%88%e0%a4%b0/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:42:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ट्रंप का दोगलापन…पहले ईरान से बातचीत का किया दावा, फिर दो एनर्जी साइटों पर कर दिया हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्ति का संकेत दिया, लेकिन ईरान के दो ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों और ट्रंप के दावे को ईरान द्वारा खारिज करने से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">ट्रंप का दोगलापन…पहले ईरान से बातचीत का किया दावा, फिर दो एनर्जी साइटों पर कर दिया हमला</mark></strong></p>



<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्ति का संकेत दिया, लेकिन ईरान के दो ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों और ट्रंप के दावे को ईरान द्वारा खारिज करने से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।</p>



<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को समाप्त करने की ओर इशारा किया है, लेकिन ईरान से जुड़े हाल के घटनाक्रम ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार तड़के, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के निकट एक अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि देश के दो महत्वपूर्ण ऊर्जा संयंत्रों पर हवाई हमले हुए हैं।</p>



<p>इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने में विफल रहता है, तो अमेरिका उनके ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करेगा। इस बयान के कुछ ही समय बाद आई रिपोर्ट में कहा गया कि इस्फहान में प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे और खोर्रमशहर में बिजली संयंत्र के लिए गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया।</p>



<p>अमेरिका-इजरायल ने नहीं ली जिम्मेदारी<br>हालांकि, सोमवार को हुए इन हमलों की जिम्मेदारी न तो इजरायल ने ली और न ही अमेरिका ने। दोनों देशों की रणनीति यह रही है कि अक्सर वे अपने हमलों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करते। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि इन दो संयंत्रों को सीधे निशाना बनाया गया या किसी अन्य हमले के दौरान इनको नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक सुरक्षा पर नया सवाल खड़ा कर दिया है।</p>



<p>डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर शक<br>ससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका और ईरान के बीच सूचना और बयानबाजी का खेल जारी है। डोनाल्ड ट्रंप के शांति संकेतों के बावजूद, घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। दोनों पक्षों के बयान और मीडिया रिपोर्ट्स में अंतर ने वैश्विक समुदाय में मिश्रित प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कर दी हैं।</p>



<p>इस पूरे घटनाक्रम से यह संदेश भी मिलता है कि क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है और राजनीतिक बयानबाजी और वास्तविक घटनाओं के बीच अक्सर अंतर होता है।</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेरिका-ईरान युद्ध के 25वें दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों पर लगाई 5 दिन की रोक, तेहरान ने वार्ता के दावों को नकारा, मध्य पूर्व में अब भी बना हुआ है भारी तनाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:42:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका-ईरान युद्ध के 25वें दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों पर लगाई 5 दिन की रोक, तेहरान ने वार्ता के दावों को नकारा, मध्य पूर्व में अब भी बना हुआ है भारी तनाव अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ का आज 25वां दिन है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">अमेरिका-ईरान युद्ध के 25वें दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों पर लगाई 5 दिन की रोक, तेहरान ने वार्ता के दावों को नकारा, मध्य पूर्व में अब भी बना हुआ है भारी तनाव</mark></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="300" height="168" src="https://deedarehind.com/wp-content/uploads/2026/03/download-2026-03-19T144909.847.jpg" alt="" class="wp-image-127207" /></figure>



<p>अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ का आज 25वां दिन है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए ईरान के ऊर्जा ठिकानों और पावर प्लांट्स पर होने वाले हमलों को अगले 5 दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में ईरानी नेतृत्व के साथ “अत्यंत सकारात्मक और उत्पादक” बातचीत हुई है, जिसमें ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने और मौजूदा गतिरोध को सुलझाने पर सहमति जताई है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अवसर का लाभ उठाकर ईरान क्षेत्र में शांति की ओर कदम बढ़ाएगा, हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका अपनी और अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>



<p>एक ओर जहाँ राष्ट्रपति ट्रंप शांति वार्ता का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान ने इसे पूरी तरह से ‘फेक न्यूज’ करार दिया है। ईरान की संसद (मजलिस) के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कड़े शब्दों में ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि वाशिंगटन के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन वैश्विक तेल और वित्तीय बाजारों में हेरफेर करने के लिए इस तरह के भ्रामक बयान दे रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया कि उन्हें कुछ मित्र देशों से वार्ता के संदेश जरूर मिले हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत नहीं चल रही है। तेहरान ने साफ किया है कि जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।</p>



<p>युद्ध के 25वें दिन भी जमीनी हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों ने ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार और उसकी नौसेना को लगभग तबाह कर दिया है, जिससे तेहरान समझौते के लिए मजबूर हुआ है। हालांकि, इजराइल के साथ चल रहे सीमा विवाद और हिजबुल्लाह की सक्रियता के कारण पश्चिम एशिया में युद्ध की आग अब भी धधक रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि 5 दिनों का यह ‘पॉज’ केवल एक रणनीतिक चाल हो सकती है ताकि आगामी 27 मार्च की समय सीमा से पहले ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके। फिलहाल, वैश्विक बाजार इस अनिश्चितता के बीच अस्थिर बने हुए हैं और पूरी दुनिया की नजरें अब अगले 120 घंटों के घटनाक्रम पर टिकी हैं।</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
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