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	<title>कारोबार &#8211; Deedar-E-Hind | Hindi News Portal</title>
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	<description>Hindi News Portal &#38; Urdu NewsPaper</description>
	<lastBuildDate>Sun, 15 Mar 2026 09:26:31 +0000</lastBuildDate>
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		<title>एलपीजी की कमी से केरल में करीब 40 प्रतिशत रेस्तरां बंद होने की कगार पर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 09:26:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[एलपीजी की कमी से केरल में करीब 40 प्रतिशत रेस्तरां बंद होने की कगार पर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बाद उत्पन्न एलपीजी की कमी के कारण केरल में करीब 40 प्रतिशत रेस्तरां बंद होने की स्थिति में हैं, क्योंकि कई प्रतिष्ठान खाना पकाने के वैकल्पिक तरीकों का तुरंत इस्तेमाल नहीं कर पा रहे &#8230;]]></description>
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<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-red-color">एलपीजी की कमी से केरल में करीब 40 प्रतिशत रेस्तरां बंद होने की कगार पर</mark></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="306" height="165" src="https://deedarehind.com/wp-content/uploads/2026/03/download-2026-03-15T145536.989.jpg" alt="" class="wp-image-126970" /></figure>



<p> पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बाद उत्पन्न एलपीजी की कमी के कारण केरल में करीब 40 प्रतिशत रेस्तरां बंद होने की स्थिति में हैं, क्योंकि कई प्रतिष्ठान खाना पकाने के वैकल्पिक तरीकों का तुरंत इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। यह जानकारी उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दी।</p>



<p>एलपीजी की कमी से रेस्तरां के अलावा कैटरिंग सेवाएं, छात्रावास, कैंटीन और शवदाह गृह भी प्रभावित हुए हैं।</p>



<p>‘केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन’ के अध्यक्ष जी. जयपाल ने कहा कि शुक्रवार तक राज्य में लगभग 40 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो जाएंगे।</p>



<p>उन्होंने बताया, ‘‘ बृहस्पतिवार तक करीब 20 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो चुके थे। शुक्रवार तक यह संख्या बढ़कर 40 प्रतिशत हो जाएगी क्योंकि एलपीजी का भंडार जल्द खत्म हो जाएगा।’’</p>



<p>केंद्र और राज्य सरकारों ने खाना पकाने के वैकल्पिक तरीके अपनाने की सलाह दी है लेकिन संगठन का कहना है कि शहरी क्षेत्रों के होटलों में लकड़ी से खाना बनाना व्यावहारिक नहीं है।</p>



<p>जयपाल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत अधिकतर शहरी रेस्तरां में आधुनिक रसोई प्रणाली अपनाई गई है। वहां लकड़ी या अन्य ईंधनों से खाना बनाने की व्यवस्था नहीं है। शहरी क्षेत्रों के रेस्तरां इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।</p>



<p>उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी एलपीजी आपूर्तिकर्ता सिलेंडर के लिए लगभग दोगुनी कीमत वसूल रहे हैं और पिछले दो दिन में ईंधन लकड़ी की कीमत भी काफी बढ़ गई है।</p>



<p>उन्होंने कहा, ‘‘ कासरगोड में हमारे एक सदस्य को 17 किलोग्राम का निजी एलपीजी सिलेंडर 3,000 रुपये में मिला जबकि सामान्य तौर पर 19 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत करीब 1,800 रुपये होती है। लकड़ी के दाम भी बहुत बढ़ गए हैं और वैकल्पिक व्यवस्था अपनाना आसान नहीं है।’’</p>



<p>जयपाल ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के तुरंत बाद सरकार लोगों को संभावित कमी के बारे में आगाह कर देती, तो स्थिति बेहतर ढंग से संभाली जा सकती थी।</p>



<p>उन्होंने कहा, ‘‘ अगर पहले जानकारी मिल जाती तो कई रेस्तरां मालिक वैकल्पिक व्यवस्था कर लेते। इस सप्ताह की शुरुआत तक सब सामान्य था और अचानक संकट खड़ा हो गया।’’</p>



<p>उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, यह संकट कैटरिंग सेवाओं को भी प्रभावित कर रहा है जबकि राज्य में शादी का मौसम शुरू होने वाला है।</p>



<p>ऑल केरल कैटरर्स एसोसिएशन के तिरुवनंतपुरम जिले के अध्यक्ष वी सुनुकुमार ने बताया कि 15 मार्च से मलयालम महीने ‘मेदम’ के साथ शादियां शुरू हो जाएंगी और इस कारण पहले से बुकिंग हो चुकी है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि इसके अलावा मुस्लिम समुदाय में रमजान के बाद अगले सप्ताह से निकाह समारोह शुरू होंगे और ईसाई समुदाय का ‘लेंट’ काल या चालीसा काल अगले महीने की शुरुआत में समाप्त होगा जिसके बाद राज्य भर में अधिक शादियां होंगी।</p>



<p>उन्होंने कहा, “कम से कम सरकार हमें अस्थायी रूप से घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकती है। फिलहाल हमें एक भी वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल रहा है।”</p>



<p>एलपीजी की कमी से मेस सुविधा वाले छात्रावास भी प्रभावित हुए हैं।</p>



<p>कोच्चि के कलूर क्षेत्र में छात्रावास चलाने वाली सुजा ने बताया कि उन्होंने रसोई के लिए लकड़ी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है लेकिन शहर में लकड़ी की भी कमी है।</p>



<p>इस बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा ने एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया है।</p>



<p>तिरुवनंतपुरम में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया गया।</p>



<p>केरल सरकार ने केंद्र से बृहस्पतिवार को आग्रह किया था कि राज्य को आवंटित गैर-घरेलू एलपीजी सिलेंडर का कोटा बढ़ाया जाए, क्योंकि कमी के कारण कई क्षेत्रों में दिक्कतें आ रही हैं।</p>



<p>वर्तमान में राज्य को गैर-घरेलू एलपीजी सिलेंडर का कोटा 20 प्रतिशत तक सीमित है। केरल में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों की मौजूदगी को देखते हुए राज्य सरकार केंद्र से इसे बढ़ाने का अनुरोध करेगी।</p>



<p>यह निर्णय मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया जिसमें गैर-घरेलू उपयोग वाले रसोई गैस सिलेंडरों की कमी से निपटने पर चर्चा हुई।</p>



<p>बैठक में वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय करने और जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी दल बनाने का भी निर्णय लिया गया।</p>



<p>एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में अस्पताल, वृद्धाश्रम, अनाथालय, स्कूल, सामुदायिक रसोई और सूचना प्रौद्योगिकी पार्कों व कारखानों की कैंटीन को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>



<p>इसके अलावा नागरिक आपूर्ति विभाग वैकल्पिक ईंधन के रूप में मिट्टी के तेल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए भी कदम उठाएगा।</p>



<p><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color"><strong>दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</strong></mark></p>



<p></p>
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		<item>
		<title>देश के जीडीपी में 1,500 अरब डॉलर का योगदान देने की राह पर महाराष्ट्र: शिंदे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 09:25:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[देश के जीडीपी में 1,500 अरब डॉलर का योगदान देने की राह पर महाराष्ट्र: शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहस्पतिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 तक भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महाराष्ट्र प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है और देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">देश के जीडीपी में 1,500 अरब डॉलर का योगदान देने की राह पर महाराष्ट्र: शिंदे</mark></strong></p>



<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहस्पतिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 तक भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महाराष्ट्र प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है और देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी ) में 1,500 अरब डॉलर का योगदान देने की उम्मीद करता है।</p>



<p>शिंदे ने यहां वास्तुकला, डिजाइन और निर्माण से जुड़ी प्रदर्शनी ‘आईडीएसी एक्सपो’ को संबोधित करते हुए कहा कि मजबूत निवेश, औद्योगिक विस्तार और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास के दम पर महाराष्ट्र देश का अग्रणी आर्थिक केंद्र बना हुआ है।</p>



<p>उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र भारत की आर्थिक प्रगति का नेतृत्व जारी रखेगा। नीतिगत समर्थन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और निवेशकों के बढ़ते भरोसे के साथ, राज्य देश के 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर है, जिसमें अकेले महाराष्ट्र जीडीपी में लगभग 1,500 अरब डॉलर का योगदान देगा।’’</p>



<p>शिंदे ने उल्लेख किया कि नए मेट्रो गलियारे, एक्सप्रेस-वे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों सहित महाराष्ट्र का विस्तारित होता बुनियादी ढांचा तंत्र औद्योगिक गतिविधियों, संपर्क और रोजगार सृजन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा।</p>



<p><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color"><strong>दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</strong></mark></p>
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		<title>निवेशकों की ठंडी प्रतिक्रिया के बाद इनोविजन ने आईपीओ की अवधि 17 मार्च तक बढ़ाई, मूल्य दायरा घटाया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 09:24:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[निवेशकों की ठंडी प्रतिक्रिया के बाद इनोविजन ने आईपीओ की अवधि 17 मार्च तक बढ़ाई, मूल्य दायरा घटाया नयी दिल्ली, 15 मार्च। मानव संसाधन और टोल प्लाजा प्रबंधन सेवाएं देने वाली कंपनी इनोविजन लिमिटेड ने बृहस्पतिवार को अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की अंतिम तारीख 17 मार्च तक बढ़ा दी है। निवेशकों की ओर से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">निवेशकों की ठंडी प्रतिक्रिया के बाद इनोविजन ने आईपीओ की अवधि 17 मार्च तक बढ़ाई, मूल्य दायरा घटाया</mark></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="300" height="168" src="https://deedarehind.com/wp-content/uploads/2026/03/download-2026-03-15T145238.181.jpg" alt="" class="wp-image-126965" /></figure>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-red-color">नयी दिल्ली, 15 मार्च।</mark></strong> मानव संसाधन और टोल प्लाजा प्रबंधन सेवाएं देने वाली कंपनी इनोविजन लिमिटेड ने बृहस्पतिवार को अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की अंतिम तारीख 17 मार्च तक बढ़ा दी है। निवेशकों की ओर से सुस्त प्रतिक्रिया मिलने के बाद कंपनी ने निर्गम के लिए कीमत के दायरे में भी कटौती की है।</p>



<p>पिछले कार्यक्रम के अनुसार आईपीओ 10 मार्च को खुलकर 12 मार्च को बंद होने वाला था। शेयर बाजार को दी जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने अब मूल्य दायरे को घटाकर 494-519 रुपये प्रति शेयर कर दिया है, जो पहले 521-548 रुपये प्रति शेयर था।</p>



<p>बोली के लिए कीमत का नया दायरा 13 मार्च से प्रभावी होगा। निर्गम के पहले तीन दिन के दौरान निवेशकों की भागीदारी काफी कम रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के मुताबिक, तीसरे दिन तक आईपीओ को कुल मिलाकर केवल 32 प्रतिशत अभिदान मिला था।</p>



<p>पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्सा 99 प्रतिशत भरा, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में 36 प्रतिशत अभिदान मिला। खुदरा निवेशक खंड में मांग सबसे कमजोर रही, जहां केवल 28 प्रतिशत अभिदान मिला।</p>



<p><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color"><strong>दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</strong></mark></p>
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		<title>त शांति के बाद इसमें फिर बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.6 प्रतिशत लुढ़क गया और नैस्डैक कंपोजिट 1.8 प्रतिशत टूट गया।</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 09:22:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[त शांति के बाद इसमें फिर बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.6 प्रतिशत लुढ़क गया और नैस्डैक कंपोजिट 1.8 प्रतिशत टूट गया। इस गिरावट का कारण तेल बाजार रहा, जहां ‘ब्रेंट क्रूड’ के एक बैरल का दाम 101.59 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। गूगल मैप्स में बदलाव, अब एआई की मदद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">त शांति के बाद इसमें फिर बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.6 प्रतिशत लुढ़क गया और नैस्डैक कंपोजिट 1.8 प्रतिशत टूट गया।</mark></strong></p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-luminous-vivid-orange-color">इस गिरावट का कारण तेल बाजार रहा, जहां ‘ब्रेंट क्रूड’ के एक बैरल का दाम 101.59 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।</mark></strong></p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-green-cyan-color">गूगल मैप्स में बदलाव, अब एआई की मदद से सुझाएगा सटीक रास्ता</mark></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="300" height="168" src="https://deedarehind.com/wp-content/uploads/2026/03/download-2026-03-12T144154.399.jpg" alt="" class="wp-image-126962" /></figure>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">न्यूयॉर्क, 15 मार्च </mark></strong>दिग्गज कंपनी गूगल ने बृहस्पतिवार को अपने डिजिटल मानचित्र मंच ‘गूगल मैप्स’ में बड़े बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि अब यह सेवा लोगों को कहीं जाने की योजना बनाने और वहां पहुंचने का बेहतर तरीका बताने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) का अधिक इस्तेमाल करेगी।</p>



<p>गूगल की ‘जेमिनी’ प्रौद्योगिकी से संचालित इस बदलाव के तहत मैप्स में दो नई एआई आधारित सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। दुनिया भर में 200 करोड़ से अधिक लोग इस सेवा का इस्तेमाल करते हैं।</p>



<p>पहली सुविधा ‘आस्क मैप्स’ है, जो उपयोगकर्ताओं को बातचीत के अंदाज में सुझाव देगी। इसके जरिये उपयोगकर्ता मोबाइल चार्ज करने की नजदीकी जगह, कम भीड़ वाले कैफे या कई ठहराव वाली सड़क यात्रा के लिए विस्तृत यात्रा कार्यक्रम जैसी जानकारी पूछ सकेंगे।</p>



<p>कंपनी ने बताया कि जेमिनी के सुझाव 30 करोड़ से अधिक स्थानों के डेटाबेस और 50 करोड़ से ज्यादा योगदानकर्ताओं की समीक्षा पर आधारित होंगे।</p>



<p>‘आस्क मैप्स’ सुविधा शुरुआत में गूगल मैप्स के मोबाइल ऐप पर अमेरिका और भारत में आईफोन एवं एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी। इसे बाद में कंप्यूटर और अन्य देशों में भी शुरू किया जाएगा।</p>



<p>दूसरी नई सुविधा ‘इमर्सिव नेविगेशन’ है, जिसे गूगल ने मैप्स के ड्राइविंग निर्देशों में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव बताया है। यह सुविधा तीन-आयामी दृश्य के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को रास्ते की बेहतर समझ देगी।</p>



<p>इसमें जेमिनी द्वारा तैयार 3डी दृश्य में प्रमुख इमारतें, सड़क के बीच बने डिवाइडर और आसपास का भू-भाग भी दिखेगा, जिससे वाहन चालकों को रास्ता समझने में आसानी होगी।</p>



<p>यह सुविधा एक ही गंतव्य तक पहुंचने के लिए अलग-अलग मार्गों के फायदे एवं नुकसान भी बताएगी। इसके अलावा गंतव्य पर पहुंचने के बाद पार्किंग के बेहतर स्थानों की जानकारी भी दे सकेगी।</p>



<p>गूगल ने कहा कि उसका एआई सुरक्षा ढांचा इतना मजबूत हो गया है कि जेमिनी प्रौद्योगिकी अब गलत या अस्तित्वहीन स्थान दिखाने जैसी समस्या से बच सकेगी।</p>



<p>नई एआई-आधारित मार्गदर्शन सुविधा फिलहाल अमेरिका में गूगल मैप्स के मोबाइल ऐप और कारप्ले एवं एंड्रॉयड ऑटो से लैस वाहनों में उपलब्ध होगी।</p>



<p><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color"><strong>दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</strong></mark></p>
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		<title>खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में बढ़ कर 10 महीने के उच्चतम स्तर 3.2 प्रतिशत पर</title>
		<link>http://deedarehind.com/%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%80/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 09:20:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में बढ़ कर 10 महीने के उच्चतम स्तर 3.2 प्रतिशत पर खाद्य पदार्थों, पर्सनल केयर के सामान और तम्बाकू श्रेणी की वस्तुओं के खुदरा भावों तेजी के चलते देश में खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी माह में बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गयी। यह पिछले 10 महीनों में खुदरा मुद्रास्फीति का उच्चतम स्तर है। विश्लेषकों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में बढ़ कर 10 महीने के उच्चतम स्तर 3.2 प्रतिशत पर</mark></strong></p>



<p> खाद्य पदार्थों, पर्सनल केयर के सामान और तम्बाकू श्रेणी की वस्तुओं के खुदरा भावों तेजी के चलते देश में खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी माह में बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गयी। यह पिछले 10 महीनों में खुदरा मुद्रास्फीति का उच्चतम स्तर है।</p>



<p>विश्लेषकों के अनुसार यह वृद्धि मुख्य रूप से पर्सनल केयर उत्पादों, खाद्य पदार्थों और तंबाकू श्रेणी में कीमतें बढ़ने से है। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी खुदरा मूल्य सूचकांक के अनुसार फरवरी 2026 में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की खुदरा मुद्रास्फीति क्रमश 3.37 प्रतिशत और 3.02 प्रतिशत थी।</p>



<p>प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार इस साल फरवरी माह में खाद्य मुद्रास्फीति 3.47 प्रतिशत थी।</p>



<p>उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के ये आंकड़े नई श्रृंखला के तहत दूसरी बार आए हैं पर इस नयी श्रृंखला इस नई श्रृंखला के आधार पर फरवरी 2021 से मुद्रास्फीति के मुख्य दरों का आकलन किया जा सकता है। इससे पहले इससे ऊंची खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल 2025 में 3.3 प्रतिशत थी।</p>



<p>रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिती नायर के अनुसार जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति में 0.47 अंक की वृद्धि में लगभग 0.44 अंक की बढ़ोतरी केवल खाद्य और पेय श्रेणी में महंगाई के चलते हुई है। फरवरी में खाद्य और पेय पदार्थ श्रेणी में मुद्रास्फीति 3.35 प्रतिशत रही, जो जनवरी में 2.1 प्रतिशत थी। ‘पान, तंबाकू और नशीले पदार्थ’ श्रेणी में मुद्रास्फीति 2.9 प्रतिशत से बढ़कर 3.5 प्रतिशत हो गई।</p>



<p>इसी तरह पर्सनल केयर और अन्य उत्पादों के खंड में मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 19 प्रतिशत से अधिक बनी रही। फरवरी महीने में यह बढ़कर 19.6 प्रतिशत हो गई, जबकि जनवरी में 19.02 प्रतिशत थी।</p>



<p>बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि इस श्रेणी में तेज वृद्धि का मुख्य कारण सोना और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी है।</p>



<p>खाद्य और ईंधन को छोड़कर कोर (मुख्य) मुद्रास्फीति जनवरी और फरवरी 2026 में 3.4 प्रतिशत पर स्थिर रही।</p>



<p>अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति में बाधा आने से मार्च में महंगाई पर और दबाव पड़ सकता है।</p>



<p><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color"><strong>दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</strong></mark></p>
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		<title>पैकेजिंग उद्योग आटोमेशन, एआई को अपना कर मानक सुधारे, सामग्री बचाए: अजय भादू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 09:19:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[पैकेजिंग उद्योग आटोमेशन, एआई को अपना कर मानक सुधारे, सामग्री बचाए: अजय भादू वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने गुरुवार को कहा कि भारतीय पैकेजिंग उद्योग ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग से उत्पादकता तथा उत्पाद सुरक्षा को बढ़ाने के साथ सामग्री के व्यर्थ नष्ट होने को कम कर सकता &#8230;]]></description>
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<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color">पैकेजिंग उद्योग आटोमेशन, एआई को अपना कर मानक सुधारे, सामग्री बचाए: अजय भादू</mark></strong></p>



<p> वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने गुरुवार को कहा कि भारतीय पैकेजिंग उद्योग ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग से उत्पादकता तथा उत्पाद सुरक्षा को बढ़ाने के साथ सामग्री के व्यर्थ नष्ट होने को कम कर सकता है।</p>



<p>श्री भादू ने कहा कि क्वालिटी और स्टैंडर्डाइज्ड पैकेजिंग भारतीय उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलता है। वह यहां भारतीय पैकेजिंग संस्थान (आईआईपी) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित पैकेजिंग उद्योग के छठे अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आईएसपीआई 2026 का उद्घाटन कर रहे थे।</p>



<p>उन्होंने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट और टिकाऊ पैकेजिंग पर दिया जोर देते हुए कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी, पारिस्थिकी की दृष्टि से स्वस्थ पैकेजिंग तकनीकों की बढ़ती आवश्यकता और उपभोक्तओं की बदलती अपेक्षाओं के कारण पैकेजिंग इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है।</p>



<p>आईआईपी के चेयरमैन तथा सुप्रभा प्रोटेक्टिव प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर पी. आर. बंतवाल, उपभोक्ता संरक्षण विभाग में संयुक्त सचिव दीपक मिश्रा, यूफ्लेक्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक चतुर्वेदी तथा वर्ल्ड पैकेजिंग ऑर्गनाइजेशन की प्रेसिडेंट लुसियाना पेलेग्रिनो ने भी अपने विचार व्यक्त किए।</p>



<p>इस सम्मेलन में लगभग 1500 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें पॉलिसी मेकर्स, इंडस्ट्री प्रतिनिधि, अकादमिक विशेषज्ञ, रिसर्चर्स एवं स्टार्ट-अप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अमेरिका, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, नाइजीरिया, घाना, इथियोपिया, बोत्सवाना, मॉरीशस, जाम्बिया, कंबोडिया, श्रीलंका, युगांडा, मालदीव, गाम्बिया और सिंगापुर सहित कई देशों के पैकेजिंग उद्योग के लगभग 50 विदेशी प्रतिनिधि भी शामिल हैं।</p>



<p><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color"><strong>दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</strong></mark></p>
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		<title>‘तेल की बढ़ती कीमतों से हम पैसा बना रहे हैं’, वैश्विक ऑयल संकट के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला बयान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 09:18:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[‘तेल की बढ़ती कीमतों से हम पैसा बना रहे हैं’, वैश्विक ऑयल संकट के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला बयान वॉशिंगटन, 15 मार्च । जंग बीच ट्रंप ने तेल की ऊंची कीमतों को US के लिए फायदेमंद बताया है। वहीं, सप्लाई बाधित होने के डर से IEA ने कदम 40 करोड़ बैरल आपातकालीन तेल भंडार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">‘तेल की बढ़ती कीमतों से हम पैसा बना रहे हैं’, वैश्विक ऑयल संकट के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला बयान</mark></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="300" height="168" src="https://deedarehind.com/wp-content/uploads/2026/03/download-2026-03-15T144746.520.jpg" alt="" class="wp-image-126954" /></figure>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-red-color">वॉशिंगटन, 15 मार्च ।</mark></strong> जंग बीच ट्रंप ने तेल की ऊंची कीमतों को US के लिए फायदेमंद बताया है। वहीं, सप्लाई बाधित होने के डर से IEA ने कदम 40 करोड़ बैरल आपातकालीन तेल भंडार जारी करने का फैसला किया है।</p>



<p>मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि तेल की कीमतें बढ़ने से अमेरिका ‘बहुत पैसा बना रहा है’।</p>



<p>ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर स्पष्ट किया कि चूंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है इसलिए बाजार में कीमतों का बढ़ना अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता तेल के दाम नहीं बल्कि ‘खतरनाक शक्ति’ ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है क्योंकि यह पूरी दुनिया के लिए खतरा है,।</p>



<p>इतिहास की सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट का डर<br>इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि ईरान के बढ़ते हमलों के कारण दुनिया को तेल की सप्लाई में इतिहास की सबसे बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाला कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात अब युद्ध से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष ने समुद्री व्यापारिक मार्गों को लगभग ठप कर दिया है।</p>



<p>आईईए का ‘इमरजेंसी’ एक्शन<br>बाजार में आई इस भारी बाधा को दूर करने के लिए आईईए के 32 सदस्य देशों ने एक विशेष बैठक में अपने आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई है। आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल द्वारा बुलाई गई इस बैठक में यह रणनीतिक निर्णय लिया गया। आईईए के इतिहास में यह छठा अवसर है जब इस तरह का समन्वित कदम उठाया गया है। इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में भी आपातकालीन भंडार का उपयोग किया गया था। भारत ने भी इस अंतरराष्ट्रीय कदम का स्वागत किया है।</p>



<p>भंडारण की स्थिति और भविष्य की राहत<br>आईईए के पास कुल 1.2 अरब बैरल का आपातकालीन तेल भंडार है जबकि उद्योगों के पास 60 करोड़ बैरल का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है। ट्रंप ने ओहियो में गैस की कीमतों पर बात करते हुए भरोसा दिलाया कि कीमतें इतनी कम हो जाएंगी कि ‘कोई भी समझ नहीं पाएगा’। फिलहाल, यह 40 करोड़ बैरल तेल विभिन्न सदस्य देशों की राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप एक निश्चित समय-सीमा के भीतर बाजार में उतारा जाएगा ताकि कीमतों को स्थिर किया जा सके।</p>



<p><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color"><strong>दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</strong></mark></p>
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		<item>
		<title>एडोबी के दिग्गज सीईओ शांतनु नारायण का 18 साल बाद इस्तीफे का ऐलान, शेयर बाजार में मचा हड़कंप और कंपनी के स्टॉक 7% तक टूटे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 09:17:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[एडोबी के दिग्गज सीईओ शांतनु नारायण का 18 साल बाद इस्तीफे का ऐलान, शेयर बाजार में मचा हड़कंप और कंपनी के स्टॉक 7% तक टूटे वॉशिंगटन, 15 मार्च। दिग्गज टेक कंपनी एडोबी (Adobe) के सीईओ शांतनु नारायण ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है, जिससे वैश्विक तकनीकी जगत में एक युग &#8230;]]></description>
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<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">एडोबी के दिग्गज सीईओ शांतनु नारायण का 18 साल बाद इस्तीफे का ऐलान, शेयर बाजार में मचा हड़कंप और कंपनी के स्टॉक 7% तक टूटे</mark></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="300" height="168" src="https://deedarehind.com/wp-content/uploads/2026/03/download-2026-03-15T144530.250.jpg" alt="" class="wp-image-126952" /></figure>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-red-color">वॉशिंगटन, 15 मार्च।</mark></strong> दिग्गज टेक कंपनी एडोबी (Adobe) के सीईओ शांतनु नारायण ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है, जिससे वैश्विक तकनीकी जगत में एक युग का अंत होने जा रहा है। नारायण ने पिछले 18 वर्षों तक कंपनी का शानदार नेतृत्व किया और एडोबी को पारंपरिक सॉफ्टवेयर मॉडल से निकालकर क्लाउड-आधारित सब्सक्रिप्शन (Creative Cloud) की ऊंचाइयों पर पहुँचाया। उनके कार्यकाल में फोटोशॉप और प्रीमियर प्रो जैसे टूल्स डिजिटल इंडस्ट्री के वैश्विक मानक बने। हालांकि, इस इस्तीफे की खबर मिलते ही नैस्डैक (NASDAQ) पर एडोबी के शेयरों में 7% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो निवेशकों के बीच अनिश्चितता को दर्शाती है।</p>



<p>एडोबी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शांतनु नारायण के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर फ्रैंक काल्डेरोनी करेंगे। कंपनी अब आंतरिक और बाहरी दोनों तरह के काबिल उम्मीदवारों पर विचार कर रही है ताकि एआई (AI) के इस चुनौतीपूर्ण युग में एडोबी को नया और प्रभावी नेतृत्व मिल सके। शांतनु नारायण तब तक सीईओ पद की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे जब तक नया उत्तराधिकारी पदभार ग्रहण नहीं कर लेता। इसके पश्चात, वह कंपनी के बोर्ड ऑफ चेयरपर्सन के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे और रणनीतिक सलाह देते रहेंगे।</p>



<p>शांतनु नारायण के इस्तीफे पर माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने प्रतिक्रिया देते हुए उनके योगदान को “शानदार पारी” करार दिया है। नडेला ने कहा कि शांतनु ने न केवल दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक का निर्माण किया, बल्कि पूरे क्रिएटिव इकोसिस्टम पर एक अमिट छाप छोड़ी है। वर्तमान में एडोबी अपने ‘फायरफ्लाई’ जैसे एआई टूल्स के माध्यम से विस्तार कर रहा है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि नए स्टार्टअप्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच नारायण का जाना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।</p>



<p><mark class="has-inline-color has-vivid-cyan-blue-color"><strong>दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</strong></mark></p>
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			</item>
		<item>
		<title>ईवी स्टार्टअप की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऑटो पीएलआई मानदंडों में ढील की जरूरत: यूलर मोटर्स</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Mar 2026 20:43:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[ईवी स्टार्टअप की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऑटो पीएलआई मानदंडों में ढील की जरूरत: यूलर मोटर्स यूलर मोटर्स के संस्थापक और सीईओ सौरव कुमार ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) स्टार्टअप को लाभ पहुंचाने और देश की हरित गतिशीलता यात्रा में योगदान देने के लिए भारत की ऑटोमोबाइल पीएलआई योजना के मानदंडों में ढील देने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">ईवी स्टार्टअप की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऑटो पीएलआई मानदंडों में ढील की जरूरत: यूलर मोटर्स</mark></strong></p>



<p> यूलर मोटर्स के संस्थापक और सीईओ सौरव कुमार ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) स्टार्टअप को लाभ पहुंचाने और देश की हरित गतिशीलता यात्रा में योगदान देने के लिए भारत की ऑटोमोबाइल पीएलआई योजना के मानदंडों में ढील देने की जरूरत है।</p>



<p>कुमार ने पीटीआई-भाषा के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि ऑटो क्षेत्र के लिए पीएलआई में निर्धारित राजस्व और निवेश की उच्च सीमा का मतलब है कि यूलर मोटर्स जैसी कंपनी इस योजना में भाग नहीं ले पाई है। कंपनी छोटे इलेक्ट्रिक ट्रकों और तिपहिया वाहन खंड में सक्रिय है।</p>



<p>ऑटो पीएलआई योजना के पात्रता मानदंडों के अनुसार एक ओईएम का न्यूनतम वैश्विक समूह राजस्व 10,000 करोड़ रुपये होना चाहिए और अचल संपत्तियों में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश होना चाहिए।</p>



<p>कुमार ने अफसोस जताते हुए कहा कि दुर्भाग्य से इससे हमारे जैसे स्टार्टअप को प्रोत्साहन नहीं मिला, जो इस क्षेत्र में समान रूप से निवेश कर रहे हैं और तकनीक व आरएंडडी को आगे बढ़ा रहे हैं।</p>



<p>उन्होंने कहा कि उत्पादों के मामले में यूलर मोटर्स के पास इलेक्ट्रिक चार-पहिया और तीन-पहिया वाणिज्यिक कार्गो वाहन दोनों हैं, जो पीएलआई योजना के दायरे में आते हैं।</p>



<p>उन्होंने कहा कि उद्योग में बहुत कम कंपनियां हैं जो वास्तव में चार-पहिया क्षेत्र में भी ईवी को बढ़ावा दे रहे हैं। कुमार ने कहा कि इसलिए सरकार को हममें से अधिकांश को प्रोत्साहित करना चाहिए।</p>



<p>कुमार ने कहा कि केवल अचल संपत्तियों पर जोर देने के बजाय, इसका दायरा स्टार्टअप द्वारा किए गए कुल निवेश तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, ”हमने पहले ही करीब 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है और अगले दो से ढाई वर्षों में हम 500 से 1,000 करोड़ रुपये का और निवेश करेंगे। हम पहले ही 3,000 करोड़ रुपये के निवेश मानदंड की राह पर हैं।”</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन में गिरावट, बाकी तेल-तिलहन में सुधार</title>
		<link>http://deedarehind.com/%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%ab%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%a4/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Deedare Hind]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Mar 2026 20:42:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन में गिरावट, बाकी तेल-तिलहन में सुधार ईरान पर अमेरिका और इजरइल के साझा हमले के बीच खाड़ी क्षेत्र में घमासान बढ़ने और होर्मुज बंदरगाह के रास्ते आने वाले यातायात के प्रभावित होने से देश के तेल-तिलहन बाजारों में बीते सप्ताह मजबूती का रुख रहा तथा सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><mark class="has-inline-color has-luminous-vivid-orange-color">बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन में गिरावट, बाकी तेल-तिलहन में सुधार</mark></strong></p>



<p> ईरान पर अमेरिका और इजरइल के साझा हमले के बीच खाड़ी क्षेत्र में घमासान बढ़ने और होर्मुज बंदरगाह के रास्ते आने वाले यातायात के प्रभावित होने से देश के तेल-तिलहन बाजारों में बीते सप्ताह मजबूती का रुख रहा तथा सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम मजबूती दर्शाते बंद हुए। गर्मियों की वजह से मांग प्रभावित रहने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में गिरावट देखी गई।</p>



<p>बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में टकराव बढ़ने के बाद विशेषकर सोयाबीन तेल का आयात प्रभावित होने की आशंका है। गौरतलब है कि देश में सोयाबीन तेल आयातित खाद्यतेलों में सबसे अहम हिस्सा रखता है। देश के बाकी तेल-तिलहन से घरेलू मांग के मामूली हिस्से की ही आपूर्ति हो पाती है। पहले सूरजमुखी जैसे तेल के मामले में देश अपनी जरुरतों को लगभग पूरा करने की स्थिति में था लेकिन बाजार की अस्थिरता और नीतियों की अस्पष्टता के कारण आज देश सूरजमुखी तेल आवश्यकता के लिए लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर हो चला है।</p>



<p>सूत्रों ने कहा कि बीते सप्ताह सरसों के नई फसल की आवक बढ़ने लगी है लेकिन खाड़ी क्षेत्र के युद्ध की सीमा हिन्दमहासागर तक फैलने के बाद खाद्यतेलों की आपूर्ति को लेकर आशंकायें मजबूत हुई हैं। इससे आम बाजार धारणा में तेजी कायम हो गयी है जिससे सरसों तेल-तिलहन अछूता नहीं रह पाया और आवक बढ़ने के बावजूद इसके दाम में मजबूती देखी गई।</p>



<p>बाजार में स्टॉकिस्टों को भी सक्रिय देखा जा रहा है। इस बीच, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात की सरकारों ने किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों खरीद करने की बात कही है जिससे सरसों किसानों में काफी राहत देखी जा रही है। यह सरकार का स्वागतयोग्य कदम है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि सरकार के पास सरसों का स्टॉक काफी कम रह गया है और उसे 20-25 लाख टन सरसों का स्टॉक बनाकर रखने की ओर ध्यान देना चाहिये।</p>



<p>सूत्रों ने कहा कि कांडला बंदरगाह पर सूरजमुखी तेल का दाम लगभग 162 रुपये किलो है जबकि वहीं सोयाबीन रिफाइंड का दाम 138 रुपये किलो है। सूरजमुखी तेल के मंहगा होने से दक्षिण भारत और महाराष्ट्र जैसे खपत वाले राज्यों में सोयाबीन तेल पर मांग का दवाब बढ़ा है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि सोयाबीन की बिजाई होने तक सरकार को, सरकारी एजेंसियों के पास जो स्टॉक है उसे रोक-रोक कर निकालना चाहिये। इससे आगे अक्टूबर में किसानों को सोयाबीन के अच्छे दाम मिलेंगे और बिजाई की स्थिति में भी सुधार होगा।</p>



<p>सूत्रों ने कहा कि बीते सप्ताह सरकारी एजेंसियों द्वारा मूंगफली की बिकवाली के असर से मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में गिरावट आई है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ पाम-पामोलीन की मांग में सुधार आया है। युद्ध की वजह से बाजार धारणा मजबूत रहने के कारण बीते सप्ताह पाम-पामोलन तेल के दाम भी मजबूत दिखे।</p>



<p>सूत्रों ने कहा कि आगे नवरात्र और शादी-विवाह के मौसम को देखते हुए बिनौला तेल की मांग बढ़ी है। मूंगफली तेल के मंहगा होने से भी विशेषकर गुजरात में बिनौला तेल की मांग मजबूत हुई है। इसके अलावा मजबूत बाजार धारणा और मंडियों में आवक कमजोर रहने से भी बीते सप्ताह बिनौला तेल के दाम में सुधार आया।</p>



<p>सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 125 रुपये के सुधार के साथ 6,600-6,625 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दादरी मंडी में बिकने वाला सरसों तेल 300 रुपये के सुधार के साथ 13,750 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 40-40 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,325-2,425 रुपये और 2,355-2,470 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।</p>



<p>समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज के थोक भाव क्रमश: 250-250 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 5,600-5,650 रुपये और 5,200-5,250 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।</p>



<p>इसी प्रकार, दिल्ली में सोयाबीन तेल 350 रुपये के सुधार के साथ 14,800 रुपये प्रति क्विंटल, इंदौर में सोयाबीन तेल 350 रुपये के सुधार के साथ 14,500 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल का दाम 250 रुपये के सुधार के साथ 11,550 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।</p>



<p>बीते सप्ताह, सरकारी एजेंसियों की बिकवाली के कारण मूंगफली तेल तिलहन के दाम में गिरावट देखी गई। मूंगफली तिलहन 25 रुपये की गिरावट के साथ 6,975-7,450 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 250 रुपये की गिरावट के साथ 16,850 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 25 रुपये की गिरावट के साथ 2,665-2,965 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।</p>



<p>समीक्षाधीन सप्ताह में कारोबारी धारणा में आम मजबूती के रुख के अनुरूप, सीपीओ तेल का दाम 575 रुपये के उछाल के साथ 12,350 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलीन दिल्ली का भाव 600 रुपये के उछाल के साथ 14,200 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव भी 650 रुपये के उछाल के साथ 13,100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।</p>



<p>मांग बढ़ने और आवक कम रहने के अलावा नवरात्र और शादी विवाह के मौसम की मांग के कारण बिनौला तेल का दाम 650 रुपये का उछाल दर्शाता 13,750 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।</p>



<p><strong><mark class="has-inline-color has-vivid-purple-color">दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट</mark></strong></p>



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