नितिन नवीन की टीम में अनुभव के साथ युवा जोश को मिलेगी जगह, महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण
नितिन नवीन की टीम में अनुभव के साथ युवा जोश को मिलेगी जगह, महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण
नई दिल्ली, 24 मई भाजपा अपने नवनियुक्त अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ जिस तरह से पीढ़ीगत बदलाव की ओर बढ़ चली है उसके बाद से उनकी नई कार्यकारिणी के स्वरूप को लेकर चर्चा हो रही है. कहा जा रहा है कि पार्टी जहां एक तरफ अनुभव की नींव पर युवा जोश की इमारत खड़ी करने में जुटी है वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय स्वायत्तता व केन्द्रीय समन्वय के बीच एक नया संतुलन बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है. इतना ही नहीं इस बार संगठन विस्तार का सबसे महत्वपूर्ण पहलू संगठनात्मक संरचना में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने के साथ सत्ता से सेवा और संगठन से सफलता के मंत्र को पुनर्जीवित करना है.
सूत्रों की मानें तो पिछले दो सप्ताह से नई कार्यकारिणी के स्वरूप को लेकर बहुस्तरीय मंथन किया गया है. चर्चा है कि जल्द घोषित होने वाली नितिन नवीन की टीम में एक राज्य, एक प्रमुख चेहरा के बजाय क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है.नई टीम के गठन में सबसे बड़ी चुनौती संगठन बनाम सरकार के संतुलन को बनाए रखना है. हाल के दिनों में जिस तरह से संघ और भाजपा के बीच समन्वय को लेकर चर्चाएं रही हैं, उसे देखते हुए नितिन नवीन की टीम में आरएसएस के साथ तालमेल बिठाने वाले चेहरों का दबदबा रहने की उम्मीद है. महासचिवों की सूची में होने वाला फेरबदल यह तय करेगा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा रण के लिए अपनी धार को कितना पैना करना चाहती है.
क्या है चुनौती
नितिन नवीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर जमीनी कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेतृत्व के बीच की दूरी को कम करना है. संगठन पर्व के दौरान बूथ स्तर पर जो सक्रियता देखी गई है, उसे चुनावी सफलता में बदलना नई कार्यकारिणी की पहली परीक्षा होगी.
राज्यों को प्राथमिकता
कहा जा रहा है कि नितिन नवीन की नई कार्यकारिणी में राज्यों को विशेष प्राथमिकता देने की रणनीति पर ज़ोर दिया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय क्षत्रपों को मज़बूत करना और आगामी चुनावों वाले राज्यों को केंद्र में रखना है. चर्चा है कि नितिन नवीन के साथ टीम में 50 वर्ष से कम आयु के महासचिवों की एक नई कोर टीम तैयार की जा रही है, जो 2029 और उसके बाद के भारत के लिए पार्टी का चेहरा होंगे.
इनको मिल सकता है मौका
सूत्रों की मानें तो राम माधव की वापसी के साथ सुनील बंसल को चुनावी रणनीतिकार के रूप में विशेष स्थान दिया जा सकता है. अरविंद मेनन, अनुराग ठाकुर, विप्लव देव, रविन्द्र रैना, बीडी शर्मा, राकेश सिंह, कविता पाटीदार, अपराजिता सारंगी, स्वतंत्र देव सिंह,के अन्नामलाई, अग्निमित्रा पॉल, संजय जायसवाल, सतीश चंद्र दुबे, कैलाश विजयवर्गीय, सतीश पूनिया के अलावा कुछ कैबिनेट मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर कर संगठन में रखा जाएगा . साथ ही विभिन्न राज्यों के अनुभवी व युवा चेहरों को मौका दिया जा सकता है.
अग्नि परीक्षा और अवसर
राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि नितिन नवीन की कार्यकारिणी भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा के साथ अवसर भी है. क्योंकि उनके सामने क्षेत्रीय आकांक्षाओं और केंद्रीय अनुशासन के बीच सामंजस्य बैठाकर भाजपा के विजई रथ को आगे बढ़ाने की चुनौती भी रहेगी.
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट