केरल विधानसभा चुनाव 2026: दक्षिण भारत में पहली बार जला लालू प्रसाद यादव की आरजेडी का ‘लालटेन’
केरल विधानसभा चुनाव 2026: दक्षिण भारत में पहली बार जला लालू प्रसाद यादव की आरजेडी का ‘लालटेन’
-कुथुपरम्बा सीट से पीके प्रवीण ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत
तिरुवनंतपुरम, 05 मई। बिहार की राजनीति तक सीमित मानी जाने वाली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 में इतिहास रच दिया है। वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही आरजेडी के उम्मीदवार पीके प्रवीण ने कुथुपरम्बा सीट पर शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की उम्मीदवार जयंती राजन को कड़े मुकाबले में 1286 वोटों से पराजित किया। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केरल में पहली बार आरजेडी ने विधानसभा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, जिससे पार्टी का प्रभाव अब दक्षिण भारत तक फैल गया है।
कुथुपरम्बा से नवनिर्वाचित विधायक पीके प्रवीण एक उच्च शिक्षित कारोबारी हैं। उन्होंने अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन और एम.फिल की डिग्री हासिल की है। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के अनुसार, प्रवीण सवा तीन करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं और उन पर कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी साफ-सुथरी छवि और गहरी शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने मतदाताओं को काफी प्रभावित किया। तेजस्वी यादव ने भी केरल दौरे के दौरान उनके लिए जमकर प्रचार किया था, जिसका सकारात्मक असर परिणामों में दिखाई दिया।
आरजेडी ने इस चुनाव में LDF के तहत तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से कुथुपरम्बा पर सफलता मिली और शेष दो पर पार्टी दूसरे स्थान पर रही। हालांकि, केरल में आरजेडी के लिए यह कदम नया नहीं है; इससे पहले दिसंबर 2025 के निकाय चुनावों में भी पार्टी ने 63 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी ताकत दिखाई थी। अब विधानसभा में एक सीट जीतने के बाद आरजेडी ने साबित कर दिया है कि वह केवल एक क्षेत्रीय दल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने की क्षमता रखती है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी अब अन्य राज्यों में भी अपनी पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट