पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेल से रिहाई की लगाई गुहार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेल से रिहाई की लगाई गुहार

-आंखों की रोशनी 85 प्रतिशत कम होने का दिया हवाला, मानवीय आधार पर मांगी राहत

इस्लामाबाद, 01 मई। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट में मानवीय और दया के आधार पर रिहाई की अपील की है। उनके वकील सलमान सफदर ने अदालत को बताया कि 73 वर्षीय खान लंबे समय से एकांत कारावास में हैं, जिसका उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि अदियाला जेल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और इमरान खान की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। यह अपील 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में उनकी सजा के खिलाफ चल रही सुनवाई के दौरान की गई।

इमरान खान के वकील ने अदालत में एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की आंखों की रोशनी 85 प्रतिशत तक कम हो गई है। वकील सफदर के अनुसार, खान की केवल 15 फीसदी नजर ही बची है और डॉक्टरों का मानना है कि यह नुकसान स्थाई (Permanent) हो सकता है। अदालत से अनुरोध किया गया है कि पंजाब जेल के आईजी और अस्पताल के अधिकारियों को पूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड के साथ तलब किया जाए। खान ने अपनी पत्नी बुशरा बीबी की स्थिति पर भी चिंता जताई है, जिन्हें भ्रष्टाचार के इसी मामले में सजा सुनाई गई है।

इस्लामाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सरफराज डोगर ने बचाव पक्ष से मुख्य अपील पर ध्यान केंद्रित करने को कहा ताकि मामले का जल्द निपटारा हो सके। हालांकि, वकीलों ने स्वास्थ्य कारणों से सजा के निलंबन पर पहले फैसला करने पर जोर दिया है। यह पूरा विवाद अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि इमरान खान और उनकी पत्नी ने एक रियल एस्टेट टाइकून को फायदा पहुँचाने के बदले करोड़ों की जमीन हासिल की थी। खान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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