असम चुनाव में अमित शाह की हुंकार, करीमगंज का नाम ‘श्रीभूमि’ करने का किया बड़ा वादा
असम चुनाव में अमित शाह की हुंकार, करीमगंज का नाम ‘श्रीभूमि’ करने का किया बड़ा वादा
-मल्लिकार्जुन खरगे के ‘अनपढ़’ वाले बयान पर गृह मंत्री ने कांग्रेस को सुनाई खरी-खरी
पाथरकांडी (असम), 07 अप्रैल। असम विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम चरण में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बराक घाटी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। शाह ने घोषणा की कि भाजपा सरकार सत्ता में आने पर करीमगंज जिले का नाम बदलकर ‘श्रीभूमि’ करेगी, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को शरण दी है। शाह ने स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार असम को घुसपैठियों का गढ़ नहीं बनने देगी और घुसपैठ की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सीएए (CAA) व अन्य कड़े कानूनों के साथ प्रतिबद्ध है।
रैली के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा भाजपा समर्थकों को कथित तौर पर ‘अनपढ़’ कहे जाने वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। शाह ने इसे गुजरात की महान विभूतियों जैसे महात्मा गांधी, सरदार पटेल और नरेंद्र मोदी का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि जो जनता कांग्रेस का समर्थन नहीं करती, उसे अनपढ़ कहना कांग्रेस की हताशा और गिरी हुई राजनीति को दर्शाता है। गृह मंत्री ने दावा किया कि असम की जनता इस अपमान का बदला बैलेट बॉक्स के जरिए लेगी और विपक्षी दल की जमानतें जब्त करा देगी। उन्होंने कांग्रेस को विकास विरोधी और विभाजनकारी राजनीति करने वाली पार्टी बताया।
अमित शाह ने केंद्र सरकार द्वारा असमिया और बांग्ला भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के ऐतिहासिक फैसले की सराहना करते हुए इसे भाषाई गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे राज्य की सुरक्षा और अखंडता के लिए भाजपा-एनडीए गठबंधन को चुनें। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। शाह ने विश्वास जताया कि राज्य में एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ डबल इंजन की सरकार बनेगी, जो घुसपैठ मुक्त और विकसित असम के सपने को पूरा करेगी।