ईरान-इजराइल युद्ध के 17वें दिन भीषण बमबारी, इजराइल ने 200 सैन्य ठिकानों को किया ध्वस्त, डोनाल्ड ट्रंप ने दी तेल बुनियादी ढांचे को तबाह करने की चेतावनी
ईरान-इजराइल युद्ध के 17वें दिन भीषण बमबारी, इजराइल ने 200 सैन्य ठिकानों को किया ध्वस्त, डोनाल्ड ट्रंप ने दी तेल बुनियादी ढांचे को तबाह करने की चेतावनी

हैदराबाद, 16 मार्च। ईरान पर अमेरिका और इजराइल का संयुक्त हमला अपने 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है और संघर्ष थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इजराइली वायु सेना (IAF) ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों के भीतर पश्चिमी और मध्य ईरान में 200 से अधिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की गई है। इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के मिसाइल सिस्टम, रक्षा प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ऑपरेशनल हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर उन्हें भारी नुकसान पहुँचाया गया है। युद्ध के बढ़ते दायरे ने खाड़ी देशों में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंताएं गहरा गई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में बाधा डालना बंद नहीं किया, तो अगला निशाना ईरान का तेल बुनियादी ढांचा होगा। ट्रंप ने खार्ग द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों के पूरी तरह नष्ट होने का दावा करते हुए नाटो (NATO) देशों से भी मदद की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वैश्विक शक्तियां इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने में सहयोग नहीं करेंगी, तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। साथ ही, उन्होंने चीन, फ्रांस और जापान जैसे देशों से होर्मुज में अपने युद्धपोत भेजने का आग्रह किया है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर यूएई के ठिकानों का इस्तेमाल कर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। अराघची के अनुसार, अमेरिका ने दुबई और रास अल-खैमाह के पास से खार्ग और अबू मूसा द्वीपों को निशाना बनाया, जिसे उन्होंने बेहद ‘खतरनाक’ कदम बताया। ईरानी नेतृत्व ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अन्य देशों से मांगी गई मदद को ‘भीख मांगना’ करार दिया है और पड़ोसी देशों से विदेशी ताकतों को क्षेत्र से बाहर निकालने का आह्वान किया है। फिलहाल, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इन दावों पर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट