भारतीय रेलवे की बड़ी पहल, अब ट्रेनों और स्टेशनों पर मिलेगी त्वरित इमरजेंसी मेडिकल सुविधा, 177 ट्रेनों और 279 स्टेशनों पर तैनात होंगी आधुनिक मेडिकल किट

भारतीय रेलवे की बड़ी पहल, अब ट्रेनों और स्टेशनों पर मिलेगी त्वरित इमरजेंसी मेडिकल सुविधा, 177 ट्रेनों और 279 स्टेशनों पर तैनात होंगी आधुनिक मेडिकल किट

नई दिल्ली , 05 मार्च । भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब रेल सफर के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर यात्रियों को इलाज के लिए बड़े स्टेशनों का इंतजार नहीं करना होगा। रेलवे प्रशासन ने 177 महत्वपूर्ण ट्रेनों और 279 प्रमुख स्टेशनों को आधुनिक मेडिकल किट और जीवन रक्षक दवाओं से लैस करने का निर्णय लिया है। ये मेडिकल बॉक्स ट्रेन के पावर कार में सुरक्षित रखे जाएंगे, जिनकी जिम्मेदारी सीधे ट्रेन मैनेजर (गार्ड) के पास होगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर मरीज को प्राथमिक उपचार प्रदान करना है ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।

दवाओं की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इन मेडिकल किटों को ‘वन टाइम लॉक’ (OTL) तकनीक से सुरक्षित किया गया है। इसका मतलब है कि किट एक बार सील होने के बाद केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही खोली जा सकेगी। यात्रा शुरू होने से पहले कैरिज एंड वैगन विभाग के कर्मचारी और ट्रेन मैनेजर संयुक्त रूप से इसकी सील की जांच करेंगे। यदि सफर के दौरान किसी यात्री को मदद की जरूरत पड़ती है, तो टीटीई और ऑन-बोर्ड स्टाफ तत्काल रिजर्वेशन चार्ट के जरिए ट्रेन में यात्रा कर रहे डॉक्टरों की पहचान करेंगे और उनसे उपलब्ध मेडिकल किट की सहायता से मरीज को उपचार देने का अनुरोध करेंगे।

रेलवे के स्वास्थ्य विभाग को इन किटों के नियमित निरीक्षण और दवाओं की एक्सपायरी डेट की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर मेडिकल बॉक्स के साथ एक रजिस्टर होगा, जिसमें उपयोग की गई दवाओं का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। दवाओं के खत्म होने या एक्सपायर होने से पहले ही उन्हें बदलने की सख्त व्यवस्था की गई है। इस नई प्रणाली से न केवल यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि दूरदराज के इलाकों से गुजरते समय चिकित्सा सहायता की कमी की समस्या भी दूर होगी। रेलवे की यह हाईटेक मेडिकल सुविधा अब रेल यात्रा को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगी।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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