सोनी सब के कलाकारों ने साझा की लोहड़ी की परंपराएँ
सोनी सब के कलाकारों ने साझा की लोहड़ी की परंपराएँ

मुंबई, 12 जनवरी सोनी सब के कलाकारों ने लोहड़ी की परंपराएँ अपने प्रशंसको के साथ साझा की है। इस लोहड़ी पर, सोनी सब के प्रिय कलाकार अविनेश रेखी, गौरव चोपड़ा और परी भट्टी साझा कर रहे हैं कि यह त्योहार उनके लिए क्या मायने रखता है।बचपन की यादों, पारिवारिक परंपराओं और उन सरल खुशियों को याद करते हुए जो लोहड़ी को समुदाय और उल्लास का उत्सव बनाती हैं।
गाथा शिव परिवार की-गणेश कार्तिकेय में भगवान शिव की भूमिका निभा रहे अविनेश रेखी ने कहा, लोहड़ी हमेशा से उन त्योहारों में से एक रहा है जो तुरंत ही गर्माहट और एकजुटता का अहसास कराता है। बचपन में इसका मतलब होता था परिवार और दोस्तों के साथ अलाव के चारों ओर बैठना, पारंपरिक गीत गाना और मूँगफली, रेवड़ी और गजक जैसे पकवानों का आनंद लेना। मुझे लोहड़ी की सबसे अच्छी बात यही लगती है कि यह हर उम्र के लोगों को एक साथ लाकर कृतज्ञता और सकारात्मकता का उत्सव मनाने का अवसर देता है। आज भी, चाहे जीवन कितना ही व्यस्त क्यों न हो, थोड़ी देर ठहरकर इस उत्सव को मनाना और उस गर्माहट को साझा करना मेरे लिए इसे वास्तव में खास बना देता है।
पुष्पा इम्पॉसिबल में प्रोफेसर शास्त्री की भूमिका निभा रहे गौरव चोपड़ा ने साझा किया, “मेरे लिए लोहड़ी परिवारिक मिलन, हंसी और अलाव के चारों ओर की अद्वितीय ऊर्जा से जुड़ी यादों में गहराई से रची-बसी है। ठंड में खड़े होकर आग के पास हाथ सेंकने और बुजुर्गों से परंपराओं और फसल की बातें सुनने में एक अद्भुत सुकून था। यह त्योहार हमें सिखाता है कि जो हमारे पास है उसके लिए आभारी रहें और नए आरंभ का स्वागत आशावाद के साथ करें। आज भी लोहड़ी मनाना मुझे वही खुशी और स्थिरता का अहसास कराता है।”
पुष्पा इम्पॉसिबल में स्वरा की भूमिका निभा रही परी भट्टी ने कहा, “लोहड़ी हमेशा जीवन की सरल खुशियों का उत्सव जैसा लगा है। मुझे शाम के अलाव का उत्साह, ढोल की लयबद्ध थाप और पड़ोसियों व दोस्तों के साथ मिठाइयाँ बाँटने की खुशी याद है। यह त्योहार हमें कृतज्ञता और एकजुटता के महत्व की याद दिलाता है। आज भी, चाहे घर पर हो या सेट पर, लोहड़ी मनाना वातावरण को तुरंत ही सकारात्मकता और गर्माहट से भर देता है।”
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट



