राणाबाली के लिए काफी रिसर्च की जरूरत पड़ी :राहुल सांकृत्यायन

राणाबाली के लिए काफी रिसर्च की जरूरत पड़ी :राहुल सांकृत्यायन

मुंबई, निर्देशक राहुल सांकृत्यायन का कहना है कि फिल्म राणाबाली की जड़ें पूरी तरह से वास्तविक घटनाओं से जुड़ी हैं और इसके लिए काफी रिसर्च की जरूरत पड़ी। ‘राणाबाली’ साल की सबसे ज्यादा इंतज़ार की जाने वाली फिल्मों में से एक है, जिसमें पर्दे की मशहूर जोड़ी विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना एक बार फिर साथ आ रहे हैं। माइथ्री मूवी मेकर्स के बैनर तले बनी और राहुल सांकृत्यायन के निर्देशन में बन रही इस फिल्म ने दर्शकों के बीच पहले ही जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है।
राहुल सांकृत्यायन ने खुलासा किया कि राणाबाली की जड़ें पूरी तरह से वास्तविक घटनाओं से जुड़ी हैं और इसके लिए काफी रिसर्च की जरूरत पड़ी।
राहुल सांकृत्यायन ने बताया कि उन्होंने रिसर्च के लिए इतिहासकारों, कवियों से बात की और पुराने रिकॉर्ड्स खंगाले। उन्होंने कहा, “इतिहास कई रूपों में मौजूद है, सिर्फ किताबों में ही नहीं, बल्कि उन कहानियों में भी जो गांवों और रीति-रिवाजों के जरिए हम तक पहुँची हैं।”उन्होंने कहा,”मद्रास प्रेसीडेंसी,जिसमें आज का चेन्नई, तेलुगु क्षेत्र और बेंगलुरु शामिल हैं के पास संघर्ष और जुझारूपन की अपनी अनकही कहानियाँ हैं। हम शायद ही कभी मुख्यधारा की कहानियों में इन्हें सुनते हैं।” उन्होंने साझा किया कि फिल्म के कुछ सबसे दमदार पल उन्हें भूले-बिसरे गाँवों और छिपे हुए अभिलेखागारों से मिले हैं। ऐसा ही एक किस्सा उनके पिता के गाँव की यात्रा का था, जहाँ उन्होंने एक लंबे समय से भूले हुए रीति-रिवाज को फिर से जीवित होते देखा और इसी अनुभव ने फिल्म के क्लाइमेक्स को प्रेरित किया।
राहुल सांकृत्यायन ने राणाबाली के पीछे की प्रेरणा के बारे में खुलकर बात की और खुलासा किया कि यह फिल्म 19वीं सदी के रायलसीमा की वास्तविक घटनाओं पर गहराई से आधारित है। उन्होंने बताया कि ये असल कहानियाँ ही उनकी इस आने वाली पैन-इंडिया पीरियड ड्रामा की नींव हैं, जिसमें विजय देवरकोंडा, रश्मिका मंदाना और अर्नोल्ड वोस्लू लीड रोल में हैं। 19वीं सदी के दक्षिण भारत पर आधारित यह फिल्म प्रतिरोध, परंपरा और औपनिवेशिक काल की चुनौतियों के बीच जी रहे लोगों के व्यक्तिगत संघर्षों को दिखाने के लिए सच्ची घटनाओं का सहारा लेती है, खासकर रायलसीमा क्षेत्र में।उन्होंने बताया कि आज के दर्शक इतिहास की ओर तेज़ी से आकर्षित हो रहे हैं, क्योंकि यह बीते हुए कल की सच्ची घटनाओं और अनकही कहानियों के प्रति उनमें उत्सुकता जगाता है। इसी वजह से ऐसी कहानियाँ अब और भी ज्यादा दिलचस्प और ज़रूरी हो गई हैं।
राहुल सांकृत्यायन ने विजय देवरकोंडा के किरदार के बारे में भी बात की और बताया कि वह फिल्म में एक निडर विद्रोही के रूप में नज़र आएंगे, जिसके व्यक्तित्व में एक स्वाभाविक दबदबा और अधिकार है। राहुल ने समझाया कि इतिहास को पर्दे पर फिर से उतारने के लिए कलाकारों को पूरी तरह से एक अलग दुनिया में ढलना पड़ता है। उन्हें न केवल किरदार के हाव-भाव अपनाने पड़ते हैं, बल्कि उस दौर की मानसिकता, भावनाओं और सच्चाइयों को भी जीना पड़ता है।
इस फिल्म को माइथ्री मूवी मेकर्स के वाई. रविशंकर और नवीन यरनेनी ने टी-सीरीज के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। राणाबाली में रश्मिका मंदाना फीमेल लीड के तौर पर नजर आएंगी, जो विजय देवरकोंडा के साथ उनकी वापसी को और भी दिलचस्प बनाती है। फिल्म में एक मजबूत स्टार कास्ट है, जिसमें इंटरनेशनल एक्टर अर्नोल्ड वोस्लू भी शामिल हैं। राणाबाली 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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