ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर पलटवार—अगर बंगाल घुसपैठ की फैक्ट्री है तो क्या कर रही थी BSF?

ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर पलटवार—अगर बंगाल घुसपैठ की फैक्ट्री है तो क्या कर रही थी BSF?

कोलकाता, 10 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘घुसपैठ की फैक्ट्री’ वाले बयान पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बागुईआटी की जनसभा में तीखा पलटवार किया है। ममता बनर्जी ने सीधे केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि यदि घुसपैठ हो रही है, तो सीमा पर तैनात बीएसएफ (BSF) क्या कर रही थी? उन्होंने कहा कि पासपोर्ट, एयरपोर्ट, रेलवे और सीमा सुरक्षा जैसे तमाम विभाग केंद्र के अधीन हैं, फिर भी अपनी विफलता का दोष राज्य सरकार पर मढ़ना राजनीति से प्रेरित है। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने मतदाता सूची से चुन-चुनकर नाम हटाए हैं, जिसका बदला बंगाल की जनता अपने वोट के जरिए लेगी।

मछली उत्पादन और खान-पान की आदतों को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा की गई टिप्पणियों पर भी ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बंगाली संस्कृति में मछली और चावल का प्राचीन महत्व है और कोई क्या खाएगा, यह पूरी तरह से उसका निजी मामला है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में मांस-मछली की दुकानें बंद कराई जा रही हैं, लेकिन बंगाल अपनी परंपराओं के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने बिहार का उदाहरण देने पर भी तंज कसा और कहा कि बंगाल के लोगों के खान-पान पर टिप्पणी करना उनकी अस्मिता का अपमान है।

बरानगर की रैली के दौरान हुए सुरक्षा कुप्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की रैलियों के लिए कड़े बैरिकेड्स लगाए जाते हैं, जबकि तृणमूल की रैलियों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद ढीली रखी जा रही है, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो रही है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को ‘सुपर राष्ट्रपति शासन’ करार देते हुए कहा कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को देश के महापुरुषों का सम्मान करना नहीं आता और वे केवल इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने का काम कर रहे हैं।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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