पीपीएफ के जरिए रिटायरमेंट के बाद पाएं 61 हजार रुपये की मासिक पेंशन -15+5+5 के जादुई फॉर्मूले से तैयार होगा एक करोड़ से अधिक का गारंटीड फंड..
पीपीएफ के जरिए रिटायरमेंट के बाद पाएं 61 हजार रुपये की मासिक पेंशन -15+5+5 के जादुई फॉर्मूले से तैयार होगा एक करोड़ से अधिक का गारंटीड फंड..
हैदराबाद, 10 अप्रैल । अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आज भी मध्यम वर्ग के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए इसकी ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखी है। यदि कोई निवेशक ’15+5+5′ का फॉर्मूला अपनाता है, यानी अपनी मैच्योरिटी को दो बार पांच-पांच साल के लिए बढ़ाता है, तो वह 25 साल में एक बड़ा फंड तैयार कर सकता है। इसके लिए निवेशक को प्रति वर्ष अधिकतम ₹1.5 लाख (लगभग ₹12,500 प्रतिमाह) जमा करने होंगे। इस लंबी अवधि के निवेश में कंपाउंडिंग का लाभ मिलने से छोटी बचत भी करोड़ों में बदल जाती है।
25 वर्षों के निरंतर निवेश के दौरान निवेशक की कुल जमा राशि ₹37,50,000 होगी। मौजूदा 7.1 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से इस अवधि में लगभग ₹65.58 लाख केवल ब्याज के रूप में जुड़ जाएंगे, जिससे कुल मैच्योरिटी वैल्यू ₹1.03 करोड़ से अधिक हो जाएगी। इस निवेश की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से जोखिम रहित है और इसमें मिलने वाला रिटर्न सरकारी गारंटी के साथ आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पीपीएफ का विस्तार नियम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो रिटायरमेंट के समय एक सुरक्षित और बड़ी पूंजी जमा करना चाहते हैं।
एक बार जब 25 साल बाद ₹1.03 करोड़ का फंड तैयार हो जाता है, तो निवेशक इस मूलधन को बिना निकाले पीपीएफ खाते में ही छोड़ सकता है। इस स्थिति में, जमा राशि पर मिलने वाला सालाना ब्याज लगभग ₹7.31 लाख होगा। यदि इस वार्षिक ब्याज को 12 महीनों में विभाजित किया जाए, तो यह लगभग ₹61,000 प्रति माह की नियमित आय (पेंशन) के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। खास बात यह है कि आपका मूलधन बैंक में सुरक्षित बना रहेगा और आप केवल ब्याज की राशि का उपयोग अपनी जरूरतों के लिए कर सकेंगे। अधिकतम लाभ के लिए हर महीने की 5 तारीख से पहले निवेश करना सबसे फायदेमंद माना जाता है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट