पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली, 16 मार्च कांग्रेस पार्टी ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, असम और पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी कमर कस ली है। हालांकि, पार्टी ने चुनाव आयोग के ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष’ चुनाव कराने के दावों पर गहरा संदेह व्यक्त किया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि आयोग ने चुनाव तिथियों की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के दौरों और परियोजनाओं के शिलान्यास खत्म होने तक का इंतजार किया। पार्टी के अनुसार, असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में विशेष संशोधन (SIR) के नाम पर वोटर लिस्ट से लाखों मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जो चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

कांग्रेस के आंतरिक आकलन के मुताबिक, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में पार्टी को जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों का बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। असम में पार्टी इस बार मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बनाम गौरव गोगोई के बीच सीधी जंग देख रही है। असम प्रभारी पृथ्वीराज साठे ने दावा किया कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर और भ्रष्टाचार के कारण बदलाव की लहर है। राहुल गांधी द्वारा घोषित ‘सामाजिक कल्याण एजेंडा’ को पार्टी अपना सबसे बड़ा हथियार मान रही है। केरल में यूडीएफ के मजबूत फीडबैक और तमिलनाडु में डीएमके के साथ बेहतर तालमेल को लेकर भी पार्टी आलाकमान काफी उत्साहित है।

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने इस बार अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है, जिसे वह लंबी अवधि के लिए संगठन विस्तार के अवसर के रूप में देख रही है। वहीं, तमिलनाडु में पार्टी ने 28 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की है, जो पिछले चुनाव से तीन अधिक हैं। कांग्रेस का लक्ष्य यहाँ 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट हासिल करना है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी संगठनात्मक कमियों को दूर कर लिया है और एनडीए का मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय गठबंधनों को मजबूत किया है। अब सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो देश की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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