दिल्ली के डॉक्टरों का अद्भुत चमत्कार, जन्म के मात्र 40 मिनट बाद नवजात की सफल हार्ट सर्जरी, संकरा वाल्व खोलकर ‘गोल्डन आवर’ में बचाई मासूम की जान
दिल्ली के डॉक्टरों का अद्भुत चमत्कार, जन्म के मात्र 40 मिनट बाद नवजात की सफल हार्ट सर्जरी, संकरा वाल्व खोलकर ‘गोल्डन आवर’ में बचाई मासूम की जान

नई दिल्ली, 13 मार्च नई दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, ओखला के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक मिसाल पेश करते हुए एक नवजात की जान बचाई है। दरअसल, गर्भावस्था के 30वें सप्ताह में ही अल्ट्रासाउंड के जरिए पता चल गया था कि भ्रूण के हृदय का एक वाल्व खतरनाक रूप से संकरा है और दिल की मांसपेशियां कमजोर पड़ रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी टीम ने बच्चे के जन्म से पहले ही इलाज का पूरा खाका तैयार कर लिया था। प्रेग्नेंसी के 31वें सप्ताह में सीजेरियन डिलीवरी के समय डॉक्टरों, नर्सों और तकनीशियनों की एक विशेष टीम पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद थी।
शिशु के जन्म लेते ही समय की पाबंदी को ध्यान में रखते हुए केवल 15 मिनट बाद उसे स्थिर करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जन्म के 40 मिनट के भीतर ‘बैलून एओर्टिक वॉल्वोटॉमी’ नामक जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। उन्नत अल्ट्रासाउंड-गाइडेड तकनीक के माध्यम से डॉक्टरों ने संकरे एओर्टिक वाल्व को सफलतापूर्वक खोल दिया। डॉक्टरों के अनुसार, यह उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण मामलों में से एक था क्योंकि दिल के पास तरल पदार्थ जमा हो रहा था और वाल्व संकरा होने से बच्चे की जान को तत्काल खतरा बना हुआ था।
सर्जरी के तुरंत बाद की गई इकोकार्डियोग्राफी में हृदय की कार्यक्षमता सामान्य पाई गई। समय से पहले जन्मे (प्री-मैच्योर) इस नवजात को कुछ दिनों तक नियोनेटल नर्सरी में विशेष निगरानी में रखा गया, जहां विशेषज्ञों ने उसके वजन और स्वास्थ्य लाभ पर ध्यान दिया। डॉ. नीरज अवस्थी ने बताया कि ‘गोल्डन आवर’ के भीतर त्वरित कार्रवाई और मल्टी-डिसीप्लीनरी टीम के तालमेल से ही यह सफलता संभव हो पाई है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद गुरुवार को नवजात को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट