टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड के बीच भिड़ंत की हैट्रिक, वानखेड़े में फाइनल की टिकट के लिए आज टकराएंगी दो दिग्गज टीमें, आंकड़े दे रहे टीम इंडिया को मजबूती

टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड के बीच भिड़ंत की हैट्रिक, वानखेड़े में फाइनल की टिकट के लिए आज टकराएंगी दो दिग्गज टीमें, आंकड़े दे रहे टीम इंडिया को मजबूती

मुंबई, 05 मार्च डिफेंडिंग चैंपियन भारत और दो बार की विजेता इंग्लैंड की टीमें आज मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी। यह लगातार तीसरा वर्ल्ड कप है जब ये दोनों टीमें सेमीफाइनल में एक-दूसरे को चुनौती दे रही हैं। दिलचस्प आंकड़ा यह है कि पिछले दो वर्ल्ड कप (2022 और 2024) में जिसने भी इस सेमीफाइनल मुकाबले को जीता, वही टीम आगे चलकर विश्व विजेता बनी। 2022 में इंग्लैंड ने भारत को हराकर ट्रॉफी जीती थी, तो 2024 में टीम इंडिया ने इंग्लैंड से हिसाब बराबर कर खिताब अपने नाम किया था। आज होने वाला यह मुकाबला न केवल फाइनल का रास्ता तय करेगा, बल्कि सेमीफाइनल की इस ‘जंग’ में बढ़त भी दिलाएगा।

आंकड़ों की बात करें तो भारत का पलड़ा भारी नजर आता है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 29 टी20 मैच खेले गए हैं, जिनमें से भारत ने 17 और इंग्लैंड ने 12 मैच जीते हैं। वानखेड़े स्टेडियम में भी भारतीय टीम का रिकॉर्ड शानदार है; यहाँ खेले गए 7 मैचों में से भारत ने 5 में जीत दर्ज की है और 2017 के बाद से टीम इंडिया यहाँ कोई टी20 मैच नहीं हारी है। इंग्लैंड ने इस मैदान पर 6 मैच खेले हैं, जिनमें से उन्हें 3 में जीत और 3 में हार मिली है। दोनों टीमें इस मैदान पर दो बार भिड़ चुकी हैं और रिकॉर्ड 1-1 की बराबरी पर है, जो आज के मुकाबले को और भी रोमांचक बनाता है।

भारतीय टीम इस बार भी अपने स्पिन आक्रमण, विशेषकर अक्षर पटेल और कुलदीप यादव पर भरोसा करेगी, जिन्होंने 2024 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया था। दूसरी ओर, जोस बटलर की अगुवाई वाली इंग्लिश टीम वानखेड़े की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर अपने पावर-हिटर्स के दम पर पलटवार करने की फिराक में होगी। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली का इस मैदान पर अनुभव टीम इंडिया के लिए प्लस पॉइंट साबित हो सकता है। मुंबई की उमस भरी शाम और वानखेड़े की लाल मिट्टी वाली पिच पर टॉस की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है, क्योंकि यहाँ लक्ष्य का पीछा करना अक्सर आसान रहता है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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