अमेरिकी कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, ट्रंप प्रशासन द्वारा वसूला गया 16 लाख करोड़ का टैक्स अवैध घोषित, 3 लाख कंपनियों को रिफंड करने का आदेश
अमेरिकी कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, ट्रंप प्रशासन द्वारा वसूला गया 16 लाख करोड़ का टैक्स अवैध घोषित, 3 लाख कंपनियों को रिफंड करने का आदेश

न्यूयॉर्क, 05 मार्च । अमेरिका के व्यापारिक इतिहास में एक अभूतपूर्व मोड़ आया है। न्यूयॉर्क की संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए विवादित आयात शुल्क को अवैध करार देते हुए कंपनियों को अरबों डॉलर लौटाने का रास्ता साफ कर दिया है। ‘यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड’ के जज रिचर्ड ईटन ने बुधवार को आदेश जारी किया कि जिन कंपनियों ने पिछले साल ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) के तहत टैक्स चुकाया था, वे अब रिफंड की हकदार हैं। यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि टैक्स लगाने का अधिकार केवल संसद के पास है, राष्ट्रपति अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर इसे थोप नहीं सकते।
इस फैसले का असर इतना व्यापक है कि इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी वित्तीय वापसी प्रक्रिया माना जा रहा है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, सरकार ने इन टैरिफ के जरिए दिसंबर 2025 तक लगभग 130 बिलियन डॉलर वसूले थे, जो अब ब्याज सहित बढ़कर 175 बिलियन डॉलर (करीब 16.12 लाख करोड़ रुपये) तक पहुँच सकते हैं। इस फैसले से डायसन, फेडेक्स और बाश एंड लॉम्ब जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ-साथ देश के लगभग 3 लाख छोटे-बड़े व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। ‘एटमस फिल्ट्रेशन’ जैसी छोटी कंपनियों के लिए यह एक बड़ी नैतिक और आर्थिक जीत साबित हुई है, जिन्होंने इस लंबी कानूनी लड़ाई का नेतृत्व किया था।
अदालती आदेश के बावजूद इतनी विशाल राशि को वापस करना सरकार के लिए एक कठिन चुनौती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी कस्टम विभाग (CBP) का वर्तमान सिस्टम इतने बड़े पैमाने पर एक साथ भुगतान करने के लिए तैयार नहीं है। इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन इस प्रक्रिया को रोकने के लिए ऊपरी अदालत में अपील करने की योजना बना रहा है। फिलहाल, जज ईटन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सभी संबंधित मामलों की सुनवाई खुद करने का निर्णय लिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी सरकार पर टिकी हैं कि वह किस तरह इस कानूनी संकट से निपटती है और कंपनियों का पैसा कब तक वापस लौटता है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट



