अमेरिकियों की जेब खाली कर रहा ईरान युद्ध, हमले में अब तक खर्च हो गई करोड़ों डॉलर, चौंकाने वाले हैं आंकड़े

अमेरिकियों की जेब खाली कर रहा ईरान युद्ध, हमले में अब तक खर्च हो गई करोड़ों डॉलर, चौंकाने वाले हैं आंकड़े

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष 15 दिनों से जारी है; स्ट्रेट ऑफ हार्मूज नाकेबंदी, हमलों में अमेरिका ने लगभग 12 अरब डॉलर खर्च किए, भविष्य में अतिरिक्त फंड समीक्षा होगी।

ईरान, 16 मार्च। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब 15 दिनों से ज्यादा लंबा हो चुका है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। हालात उस समय और गंभीर हो गए जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हार्मूज पर नाकेबंदी कर दी। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए इसकी नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी चिंता और अस्थिरता फैल गई है।

दूसरी ओर, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर लगातार हवाई हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी बी-52 बॉम्बर विमानों द्वारा तेहरान से लेकर इस्फहान तक कई सैन्य ठिकानों पर बमबारी की जा रही है। इन हमलों में ईरानी सेना और उससे जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

अमेरिका ने ईरान पर हमले पर कितना खर्च किया
बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेशों के तहत किए जा रहे इन हमलों में ईरान की सैन्य संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं है। ईरानी सेना लगातार मिसाइलों और ड्रोन के जरिए हमले कर रही है, जिससे संघर्ष और तेज होता जा रहा है।

इसी बीच अब यह जानकारी भी सामने आई है कि इस युद्ध में अमेरिका अब तक कितना खर्च कर चुका है। अमेरिका की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक केविन हैसेट ने रविवार को इस संबंध में अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों में अमेरिका अब तक लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च कर चुका है।

कांग्रेस से लेना पड़ सकता है पैसा?
केविन हैसेट ने यह जानकारी सीबीएस न्यूज के एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान साझा की। उन्होंने कहा, “मेरे सामने जो ताजा आंकड़े आए हैं, उनके अनुसार अब तक इस युद्ध पर करीब 12 अरब डॉलर खर्च किए जा चुके हैं।”

कार्यक्रम के दौरान हैसेट से यह भी पूछा गया कि क्या अमेरिका को इस युद्ध को जारी रखने के लिए कांग्रेस से और ज्यादा धन की मांग करनी पड़ सकती है। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका के पास आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में अतिरिक्त फंड की जरूरत पड़ेगी या नहीं, इसका फैसला आगे की समीक्षा के बाद किया जाएगा। इस मामले की जांच अमेरिका के प्रबंधन और बजट कार्यालय (OMB) द्वारा की जाएगी, जिसके निदेशक रसेल वॉट हैं।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

Related Articles

Back to top button